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Mahendragarh-Narnaul News: कानूनी साक्षरता के महत्व पर बल दिया
Sun, 15 Sep 2024 08:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 15 Sep 2024 08:58 PM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के विधि विभाग के विद्यार्थियों ने जिला न्यायालय, नारनौल में लोक अदालत के अवसर पर विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि ऐसी पहल सामुदायिक सेवा और कानूनी शिक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नारनौल डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उत्साह की सराहना की तथा सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में कानूनी साक्षरता के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नारनौल के सहयोग से किया गया।
एडीआर केंद्र नारनौल की मुख्य न्यायाधीश शैलजा गुप्ता ने विद्यार्थियों को सामाजिक कार्यों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एडीआर केंद्र, नारनौल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नारनौल की आमजन तक न्याय तक पहुंच को साकार करने की दिशा में की गई पहलों को साझा किया। विश्वविद्यालय की विधि पीठ के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नारनौल तथा उनकी पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. प्रदीप सिंह ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें इस प्रकार के आउटरीच कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर अधिवक्ता आरके मेहता ने विधि विद्यार्थियों के साथ व्यावहारिक ज्ञान साझा किया।
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डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना और आमजन को विभिन्न सामाजिक-कानूनी मुद्दों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक-कानूनी मुद्दों, सामाजिक-कल्याणकारी कानूनों और हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर स की गई पहलों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें विधि विभाग के विद्यार्थियों ने कानूनी सेवाओं से संबंधित सूचनात्मक पोस्टर, चार्ट और पंपलेट्स प्रदर्शित किए। साथ ही विद्यार्थियों ने सामाजिक-कानूनी समस्याओं पर केंद्रित नुक्कड़ नाटक का भी मंचन कर न्याय पाने और कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता आरके मेहता ने विद्यार्थियों से बातचीत की तथा विद्यार्थियों के साथ व्यावहारिक ज्ञान साझा किया। इस अवसर पर अतिथि प्राध्यापक अभिषेक कुमार, संगीता, प्रवीण कुमार मौर्य एवं विकास उपस्थित रहे।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि ऐसी पहल सामुदायिक सेवा और कानूनी शिक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नारनौल डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उत्साह की सराहना की तथा सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में कानूनी साक्षरता के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नारनौल के सहयोग से किया गया।
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एडीआर केंद्र नारनौल की मुख्य न्यायाधीश शैलजा गुप्ता ने विद्यार्थियों को सामाजिक कार्यों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एडीआर केंद्र, नारनौल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नारनौल की आमजन तक न्याय तक पहुंच को साकार करने की दिशा में की गई पहलों को साझा किया। विश्वविद्यालय की विधि पीठ के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नारनौल तथा उनकी पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. प्रदीप सिंह ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें इस प्रकार के आउटरीच कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर अधिवक्ता आरके मेहता ने विधि विद्यार्थियों के साथ व्यावहारिक ज्ञान साझा किया।
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डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना और आमजन को विभिन्न सामाजिक-कानूनी मुद्दों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक-कानूनी मुद्दों, सामाजिक-कल्याणकारी कानूनों और हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर स की गई पहलों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें विधि विभाग के विद्यार्थियों ने कानूनी सेवाओं से संबंधित सूचनात्मक पोस्टर, चार्ट और पंपलेट्स प्रदर्शित किए। साथ ही विद्यार्थियों ने सामाजिक-कानूनी समस्याओं पर केंद्रित नुक्कड़ नाटक का भी मंचन कर न्याय पाने और कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता आरके मेहता ने विद्यार्थियों से बातचीत की तथा विद्यार्थियों के साथ व्यावहारिक ज्ञान साझा किया। इस अवसर पर अतिथि प्राध्यापक अभिषेक कुमार, संगीता, प्रवीण कुमार मौर्य एवं विकास उपस्थित रहे।