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Mahendragarh-Narnaul News: नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र की खामियों का खात्मा, जुलाई में होगा शुरू
Thu, 26 Jun 2025 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 26 Jun 2025 11:55 PM IST
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फोटो 8अमर उजाला में 25 मार्च को प्रकाशित समाचार।
नारनौल। निजामपुर रोड स्थित नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र जल्द ही फिर शुरू किया जाएगा। इसकी खामियों को दूर कर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
उम्मीद जताई जा रही कि जुलाई से मरीजों को दोबारा से भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा। अभी नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र करीब आठ माह से बंद है। जिसकी वजह मरीजों को परेशानी हो रही है। बता दें कि नशा मुक्ति केंद्र का 2024 में तत्कालीन एडीसी ने दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति केंद्र में मनोचिकित्सक नहीं होने सहित अन्य खामियां मिली थीं।
इसके बाद 10 अक्तूबर 2024 को नशा मुक्ति केंद्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। इसके बाद से मरीजाें को तो भर्ती नहीं किया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी प्रतिदिन केंद्र पर पहुंच रहे हैं। इस केंद्र पर प्रतिदिन 10 से 15 मरीज नशा छोड़ने के लिए पहुंचते थे। केंद्र वर्ष 1995 में स्थापित हुआ था।
इसके बाद लगातार मरीजों का उपचार किया जा रहा था। केंद्र पर शुरू से लेकर लाइसेंस रद्द होने तक करीब 12 हजार लोग उपचार ले चुके हैं। केंद्र में स्मैक, भांग, शराब, गांजा, चरस, अफीम, इंजेक्शन और नशीली दवाइयों के सेवन करने वालों का उपचार किया जाता था।
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वर्जन:
नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र में जो भी खामियां थीं, उसे दूर कर लिया लिया गया। अब जल्द ही केंद्र शुरू हो जाएगा। इसके बाद मरीजों को नियमित उपचार मिलेगा।-आरएस रंगा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र
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उम्मीद जताई जा रही कि जुलाई से मरीजों को दोबारा से भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा। अभी नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र करीब आठ माह से बंद है। जिसकी वजह मरीजों को परेशानी हो रही है। बता दें कि नशा मुक्ति केंद्र का 2024 में तत्कालीन एडीसी ने दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति केंद्र में मनोचिकित्सक नहीं होने सहित अन्य खामियां मिली थीं।
इसके बाद 10 अक्तूबर 2024 को नशा मुक्ति केंद्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। इसके बाद से मरीजाें को तो भर्ती नहीं किया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी प्रतिदिन केंद्र पर पहुंच रहे हैं। इस केंद्र पर प्रतिदिन 10 से 15 मरीज नशा छोड़ने के लिए पहुंचते थे। केंद्र वर्ष 1995 में स्थापित हुआ था।
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इसके बाद लगातार मरीजों का उपचार किया जा रहा था। केंद्र पर शुरू से लेकर लाइसेंस रद्द होने तक करीब 12 हजार लोग उपचार ले चुके हैं। केंद्र में स्मैक, भांग, शराब, गांजा, चरस, अफीम, इंजेक्शन और नशीली दवाइयों के सेवन करने वालों का उपचार किया जाता था।
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वर्जन:
नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र में जो भी खामियां थीं, उसे दूर कर लिया लिया गया। अब जल्द ही केंद्र शुरू हो जाएगा। इसके बाद मरीजों को नियमित उपचार मिलेगा।-आरएस रंगा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र