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Mahendragarh-Narnaul News: पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हुआ कम, अब मौसम रहेगा शुष्क, कई जगहों पर हुई बूंदाबांदी

Mon, 03 Apr 2023 11:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2023 11:44 PM IST
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Effect of Western Disturbance reduced, now weather will remain dry, drizzle occurred at many places
नारनौल। बेमौसमी बारिश की मार झेल रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब क्षेत्र में कम हो गया है। तेज बारिश व ओलावृष्टि की मार झेल चुके किसान अब बारिश से भीगी सरसों व गेहूं की फसल को सुखाकर निकलवा सकते हैं। बारिश के चलते मार्च माह में तापमान में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला। अब मौसम शुष्क रहने से धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी। सोमवार को दोपहर बाद कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई है। सुबह मौसम साफ रहने से धूप खिली रही, लेकिन दोपहर कुछ देर बादल व बूंदाबांदी होने के बाद सायं तक धूप खिली रही। सोमवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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राजकीय महाविद्यालय के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मार्च माह में थोड़-थोड़े अंतराल के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दिया, जिससे जिले में कई जगहों को भारी ओलावृष्टि हुई। बेमौसमी बारिश का असर पूरे जिले में दिखाई दिया। अब पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव जिले से लगभग समाप्त हो चुका है। मौसम की मार झेल चुके किसान अब कटी हुई फसलों को सुखाकर थ्रेसिंग करवा सकते हैं।
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10 अप्रैल तक खुला रहेगा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल तथा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल : उपायुक्त
किसानों की मांग पर हरियाणा सरकार ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल दोबारा से सभी गांव के लिए खोल दिया है। इससे पहले यह पोर्टल नुकसान वाले जिला के 177 गांवों के लिए खोला गया था। अब जिला के किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबा की सूचना दे सकते हैं। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ. जय कृष्ण आभीर ने बताया कि किसानों की मांग पर सरकार ने आज से यह पोर्टल सभी गांव के लिए खोल दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शेष बचे किसानों को भी मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही क्षतिपूर्ति पोर्टल या अन्य किसी भी प्रकार की कृषि संबंधित योजनाओं में शामिल हुआ जा सकता है। जिला के कुछ किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पर अपना पंजीकरण नहीं करवाया था। ऐसे में वे किसान अब क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सूचना देने से वंचित रह गए थे। इससे पहले जिला के नुकसान वाले 177 गांव में यह पोर्टल दोबारा 3 अप्रैल तक खोला गया था। सरकार ने अब ऐसे वंचित रहे किसानों के लिए 10 अप्रैल तक यह पोर्टल खोला है। किसान जल्द से जल्द अब पोर्टल पर अपनी सूचना दें। उन्होंने बताया कि जिला में हो रही लगातार बेमौसमी बारिश के मद्देनजर सरकार ने किसानों के हित में यह फैसला किया है। उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने बताया कि अब तक जिला महेंद्रगढ़ में ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 44265 किसानों ने 1,84,088.282 एकड़ फसल में हुए नुकसान की जानकारी दी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित 24 हजार किसानों ने कृषि कार्यालय या पीएमएफबीवाई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर अपने नुकसान की सूचना दी है। उपायुक्त ने किसानों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जरूर अपनाएं। डइस योजना के माध्यम से मामूली प्रीमियम पर किसानों की फसलों को सुरक्षा चक्र मिल जाता है। सभी किसानों को समय रहते प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए बैंक में अपना आवेदन देना चाहिए।
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