{"_id":"66d0c0a27b44fee1f80cf004","slug":"education-and-awareness-are-necessary-for-women-empowerment-narnol-news-c-203-1-sroh1011-111724-2024-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा और जागरूकता जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा और जागरूकता जरूरी
Fri, 30 Aug 2024 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 30 Aug 2024 12:10 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:51- राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में महिला सशक्तिकरण पर विशेष व्याख्यान में छात्र
महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालय में वीरवार को महिला अध्ययन एवं विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में महिला सशक्तीकरण विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी नारायण ने किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा और जागरूकता बहुत जरूरी है। महिलाओं को शिक्षित करने और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए काम करने की आवश्यकता है।
महिला अध्ययन एवं विकास प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. पविता यादव ने अपने संबोधन में महिला सशक्तीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। समाज में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देना चाहिए। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सोमबीर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण से समाज की प्रगति होती है। एक सशक्त महिला समाज की नींव को मजबूत बनाती है। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर हकों की आवाज उठाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
महिला अध्ययन एवं विकास प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. पविता यादव ने अपने संबोधन में महिला सशक्तीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। समाज में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देना चाहिए। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सोमबीर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण से समाज की प्रगति होती है। एक सशक्त महिला समाज की नींव को मजबूत बनाती है। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर हकों की आवाज उठाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन