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Mahendragarh-Narnaul News: आईएमटी के लिए दो सप्ताह पहले खोला ई-भूमि पोर्टल, गांव में नहीं बैठाए अधिकारी
Sun, 14 Sep 2025 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 14 Sep 2025 01:44 AM IST
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फोटो संख्या:85-गांव खुडाना में आईएमटी के प्रस्तावित जमीन का नक्शा--स्रोत- ग्रामीण
महेंद्रगढ़। जिले के विकास और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना आईएमटी खुडाना को लेकर दो सप्ताह पहले पोर्टल तो खोल दिया था लेकिन अधिकारियों को गांव में नहीं बैठाया गया।
अधिकारियों के नहीं होने से किसानों के सामने ई-भूमि पोर्टल पर सहमति देने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इस परियोजना के लिए प्रदेश सरकार की ओर से तीसरी बार पोर्टल खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय अधिकारी इस परियोजना को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। केवल कार्यालयों में बैठकर काम कर रहे हैं। जब तक अधिकारी गांव खुडाना में बैठकर ग्रामीणों से तालमेल नहीं करेंगे तब तक इस परियोजना को सिरे चढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
सात साल में भी जिम्मेदार बाधाएं दूर नहीं कर पाए हैं जबकि ग्राम पंचायत खुडाना हर संभव सहयोग को तैयार है। इस परियोजना के शिलान्यास के समय ही ग्राम पंचायत ने 1300 एकड़ भूमि का प्रस्ताव पास कर सहमति जताई थी। अब विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद पोर्टल तो खोल दिया गया है लेकिन जब तक अधिकारियों को नहीं बैठाया जाएगा तब तक बाधाएं दूर नहीं होंगी। यह परियोजना अधर में लटकी रहेगी।
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डॉ. नरेश कुमार, ग्रामीण आकोदा
ग्राम पंचायतें और किसान इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग को तैयार हैं लेकिन अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसके कारण लंबे समय से यह परियोजना अटकी पड़ी है। इस परियोजना की बिना ही फिजिब्लिटी की जांच किए 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास कर दिया गया था। यहां पर अस्थायी कार्यालय खोलकर किसानों के समक्ष आने वाली परेशानियों को दूर किया जाए।- कर्मवीर सैनी, सरपंच गांव गढ़ी
इस परियोजना में गांव खुडाना, आदलपुर, आकोदा, आदलपुर, गढ़ी सहित अन्य गांवों के किसानों का कुछ हिस्सा भी लगता है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम (एचएसआईडीसी), राजस्व विभाग व ग्राम पंचायतों के आपसी तालमेल से यह योजना सिरे चढ़ेगी। ग्राम पंचायतें हर संभव सहयोग को तैयार हैं। - रणधीर सिंह, ग्रामीण आदलपुर
परियोजना की सबसे बड़ी बाधा स्टेट हाईवे 148बी से प्रस्तावित भूमि तक 250-250 फीट चौड़ाई के दो मुख्य मार्ग हैं। इन मार्गों पर अधिकांश भूमि किसानों, ग्रामीणों व ग्राम पंचायत द्वारा बीपीएल परिवारों के लिए जारी किए गए प्लाटों की भूमि की ई-भूमि पोर्टल पर सहमति को लेकर है। इस भूमि में खानाकास्त, नाबालिगों के नाम रिकाॅर्ड भी बड़ी बाधा बनी है। सभी बाधाएं दूर होने के बाद ही परियोजना सिरे चढ़ पाएगी।- सुधीर कुमार, ग्रामीण खुडाना
आईएमटी के रास्तों की भूमि अधिग्रहण के लिए ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई है। सरकार द्वारा ई भूमि पोर्टल लोगों की सहमति लेने के लिए खोला गया है। 25 अगस्त से दो माह के लिए पोर्टल ओपन रहेगा। तहसीलदार व खंड विकास पंचायत अधिकारी व अन्य अधिकारियों की टीम गठित की गई है। अब इस प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
- कनिका गोयल, उपमंडल अधिकारी महेंद्रगढ़।
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अधिकारियों के नहीं होने से किसानों के सामने ई-भूमि पोर्टल पर सहमति देने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इस परियोजना के लिए प्रदेश सरकार की ओर से तीसरी बार पोर्टल खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय अधिकारी इस परियोजना को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। केवल कार्यालयों में बैठकर काम कर रहे हैं। जब तक अधिकारी गांव खुडाना में बैठकर ग्रामीणों से तालमेल नहीं करेंगे तब तक इस परियोजना को सिरे चढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
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सात साल में भी जिम्मेदार बाधाएं दूर नहीं कर पाए हैं जबकि ग्राम पंचायत खुडाना हर संभव सहयोग को तैयार है। इस परियोजना के शिलान्यास के समय ही ग्राम पंचायत ने 1300 एकड़ भूमि का प्रस्ताव पास कर सहमति जताई थी। अब विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद पोर्टल तो खोल दिया गया है लेकिन जब तक अधिकारियों को नहीं बैठाया जाएगा तब तक बाधाएं दूर नहीं होंगी। यह परियोजना अधर में लटकी रहेगी।
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डॉ. नरेश कुमार, ग्रामीण आकोदा
ग्राम पंचायतें और किसान इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग को तैयार हैं लेकिन अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसके कारण लंबे समय से यह परियोजना अटकी पड़ी है। इस परियोजना की बिना ही फिजिब्लिटी की जांच किए 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास कर दिया गया था। यहां पर अस्थायी कार्यालय खोलकर किसानों के समक्ष आने वाली परेशानियों को दूर किया जाए।- कर्मवीर सैनी, सरपंच गांव गढ़ी
इस परियोजना में गांव खुडाना, आदलपुर, आकोदा, आदलपुर, गढ़ी सहित अन्य गांवों के किसानों का कुछ हिस्सा भी लगता है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम (एचएसआईडीसी), राजस्व विभाग व ग्राम पंचायतों के आपसी तालमेल से यह योजना सिरे चढ़ेगी। ग्राम पंचायतें हर संभव सहयोग को तैयार हैं। - रणधीर सिंह, ग्रामीण आदलपुर
परियोजना की सबसे बड़ी बाधा स्टेट हाईवे 148बी से प्रस्तावित भूमि तक 250-250 फीट चौड़ाई के दो मुख्य मार्ग हैं। इन मार्गों पर अधिकांश भूमि किसानों, ग्रामीणों व ग्राम पंचायत द्वारा बीपीएल परिवारों के लिए जारी किए गए प्लाटों की भूमि की ई-भूमि पोर्टल पर सहमति को लेकर है। इस भूमि में खानाकास्त, नाबालिगों के नाम रिकाॅर्ड भी बड़ी बाधा बनी है। सभी बाधाएं दूर होने के बाद ही परियोजना सिरे चढ़ पाएगी।- सुधीर कुमार, ग्रामीण खुडाना
आईएमटी के रास्तों की भूमि अधिग्रहण के लिए ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई है। सरकार द्वारा ई भूमि पोर्टल लोगों की सहमति लेने के लिए खोला गया है। 25 अगस्त से दो माह के लिए पोर्टल ओपन रहेगा। तहसीलदार व खंड विकास पंचायत अधिकारी व अन्य अधिकारियों की टीम गठित की गई है। अब इस प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
- कनिका गोयल, उपमंडल अधिकारी महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:85-गांव खुडाना में आईएमटी के प्रस्तावित जमीन का नक्शा--स्रोत- ग्रामीण

फोटो संख्या:85-गांव खुडाना में आईएमटी के प्रस्तावित जमीन का नक्शा--स्रोत- ग्रामीण

फोटो संख्या:85-गांव खुडाना में आईएमटी के प्रस्तावित जमीन का नक्शा--स्रोत- ग्रामीण

फोटो संख्या:85-गांव खुडाना में आईएमटी के प्रस्तावित जमीन का नक्शा--स्रोत- ग्रामीण

फोटो संख्या:85-गांव खुडाना में आईएमटी के प्रस्तावित जमीन का नक्शा--स्रोत- ग्रामीण