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Mahendragarh-Narnaul News: गर्मी से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
Fri, 31 May 2024 03:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 31 May 2024 03:07 AM IST
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नारनौल।
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया है कि भीषण गर्मी को देखते हुए आमजन जरूरी कार्य से ही घर से बाहर जाएं। जितना हो सके सुबह व शाम ही अपना कार्य करें। इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसकी वजह से लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हो सकते हैं। शरीर के सामान्य तापमान को बनाए रखें। सूर्य के सीधे संपर्क से बचें। उन्होंने पशुओं व पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने को कहा है।
भीषण गर्मी से कैसे बचें
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने भीषण गर्मी से बचाव के बारे में बताया कि ठंडे, अल्कोहल रहित, कैफीन रहित पेय पदार्थ पिएं। चाय और शराब डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) का कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि बहुत ठंडे तरल पदार्थों से बचें क्योंकि वे पेट में ऐंठन पैदा कर सकते हैं। प्यास न होने पर भी हर दो घंटे में एक गिलास पानी पिएं, अगर धूप में हैं तो हर घंटे पिएं। व्यायाम करते समय हर 15 मिनट में नींबू पानी, चीनी और नमक का मिश्रण पिएं। बाहर निकलने से पहले इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए पानी, नारियल पानी, छाछ व ताजा नींबू पानी पिएं। तरबूज, अनानास, खीरा जैसे ज्यादा पानी वाले खाद्य पदार्थ खाएं।
यह हैं निर्जलीकरण के लक्षण
मुंह, जीभ का सूखना। लगातार प्यास लगना। गहरे रंग का मूत्र, कम मूत्र उत्पादन, सूखी, परतदार त्वचा, कब्ज, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, निम्न रक्तचाप आदि।
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उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया है कि भीषण गर्मी को देखते हुए आमजन जरूरी कार्य से ही घर से बाहर जाएं। जितना हो सके सुबह व शाम ही अपना कार्य करें। इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसकी वजह से लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हो सकते हैं। शरीर के सामान्य तापमान को बनाए रखें। सूर्य के सीधे संपर्क से बचें। उन्होंने पशुओं व पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने को कहा है।
भीषण गर्मी से कैसे बचें
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने भीषण गर्मी से बचाव के बारे में बताया कि ठंडे, अल्कोहल रहित, कैफीन रहित पेय पदार्थ पिएं। चाय और शराब डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) का कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि बहुत ठंडे तरल पदार्थों से बचें क्योंकि वे पेट में ऐंठन पैदा कर सकते हैं। प्यास न होने पर भी हर दो घंटे में एक गिलास पानी पिएं, अगर धूप में हैं तो हर घंटे पिएं। व्यायाम करते समय हर 15 मिनट में नींबू पानी, चीनी और नमक का मिश्रण पिएं। बाहर निकलने से पहले इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए पानी, नारियल पानी, छाछ व ताजा नींबू पानी पिएं। तरबूज, अनानास, खीरा जैसे ज्यादा पानी वाले खाद्य पदार्थ खाएं।
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यह हैं निर्जलीकरण के लक्षण
मुंह, जीभ का सूखना। लगातार प्यास लगना। गहरे रंग का मूत्र, कम मूत्र उत्पादन, सूखी, परतदार त्वचा, कब्ज, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, निम्न रक्तचाप आदि।
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