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Mahendragarh-Narnaul News: दिव्यांग कारोबारी ने महिला पुलिसकर्मी पर लगाया धमकी का आरोप
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नारनौल। दिल्ली के ढाणी निवासी दिव्यांग कारोबारी अजीत सैनी ने महिला जांच अधिकारी (आईओ) एएसआई सरोज बाला की ओर से फोन पर धमकाने का आरोप लगाया है। कारोबारी का दावा है कि उसने बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी है। वहीं, संबंधित अधिकारी ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि शिकायतकर्ता को जांच के लिए थाने बुलाया था।
अजीत सैनी का आरोप है कि 19 मई को कुछ लोग उसकी फैक्टरी में आए और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। उनका कहना है कि इस घटना की शिकायत पुलिस को दी गई थी और पूरी वारदात फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई है।
अजीत ने बताया कि मामले की जांच एएसआई सरोज बाला को सौंपी गई थी। उनका आरोप है कि जांच अधिकारी ने कार्रवाई करने की बजाय उन्हें बार-बार थाने बुलाया। दिव्यांग होने के कारण समय पर थाने नहीं पहुंच पाने पर उन्हें फोन पर धमकाने का आरोप भी लगाया गया है। अजीत का कहना है कि उन्होंने फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी है और जरूरत पड़ने पर उसे सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
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वहीं दूसरी ओर एएसआई सरोज बाला ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को जांच के लिए बुलाया गया था और दूसरी पक्ष पहले से ही थाने में मौजूद था। उन्होंने बताया कि अजीत सैनी के नहीं पहुंचने पर केवल उन्हें दोबारा आने के लिए फोन किया गया था जिसमें किसी तरह की धमकी या अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं हुआ।
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अजीत सैनी का आरोप है कि 19 मई को कुछ लोग उसकी फैक्टरी में आए और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। उनका कहना है कि इस घटना की शिकायत पुलिस को दी गई थी और पूरी वारदात फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई है।
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अजीत ने बताया कि मामले की जांच एएसआई सरोज बाला को सौंपी गई थी। उनका आरोप है कि जांच अधिकारी ने कार्रवाई करने की बजाय उन्हें बार-बार थाने बुलाया। दिव्यांग होने के कारण समय पर थाने नहीं पहुंच पाने पर उन्हें फोन पर धमकाने का आरोप भी लगाया गया है। अजीत का कहना है कि उन्होंने फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी है और जरूरत पड़ने पर उसे सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
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वहीं दूसरी ओर एएसआई सरोज बाला ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को जांच के लिए बुलाया गया था और दूसरी पक्ष पहले से ही थाने में मौजूद था। उन्होंने बताया कि अजीत सैनी के नहीं पहुंचने पर केवल उन्हें दोबारा आने के लिए फोन किया गया था जिसमें किसी तरह की धमकी या अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं हुआ।