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Mahendragarh-Narnaul News: कृषि योग्य क्षेत्र का होगा विस्तार, भूजल पुनर्भरण में भी होगा सुधार

Fri, 24 Jan 2025 01:53 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2025 01:53 AM IST
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Cultivable area will be expanded, groundwater recharge will also improve
नारनौल।
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जिले के अंतिम छोर निजामपुर और नांगल चौधरी तक बारिश के पानी को पहुंचाने के लिए विद्युतीय उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार की ओर से मंजूरी प्रदान की गई है। कमानियां, मेघोत, अलीपुर व दोस्तपुर माइनर के पुनरोद्धार के कार्य चल रहे हैं। इन चार माइनरों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से पांच लिफ्ट पंप स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा।

सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि सरकार एवं प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाए कि इन प्रणालियों को मानसून से पहले ही स्थापित कर दिया जाए, ताकि आम जनता को लाभ मिल सके। इन विद्युतीय प्रणालियों की स्थापना से सुनिश्चित सिंचाई के तहत कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार होगा व भूजल पुनर्भरण में भी सुधार होगा।
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उन्होंने बताया कि निजामपुर ब्लॉक क्षेत्र किसी भी नहर के नियंत्रण में नहीं आता है। इससे जनसंवाद, सीएम विंडो, ग्राम दर्शन पोर्टल व स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से लगातार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की जाती रही है। क्षेत्र की जनता की मांग को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा गांव के तालाबों को भरने व लिफ्टिंग सिस्टम के माध्यम से सिंचाई के लिए कुछ परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इसी प्रकार बारिश के मौसम में अतिरिक्त आपूर्ति का उपयोग करने के लिए भेडंटी, दोस्तपुर, आंतरी, बिहारीपुर और मौसमपुर गांवों के निकट कृष्णावती नदी के तल में पानी छोड़ने के लिए कमानियां माइनर और दोस्तपुर माइनर की क्षमता बढ़ाने का उद्देश्य है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद लगभग 20 गांवों को सिंचाई और भूजल पुनर्भरण के लिए उपलब्ध जलापूर्ति में वृद्धि का लाभ मिले सकेगा।
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डिस्ट्रीब्यूटरी की जल निकासी क्षमता में भी होगी बढ़ोतरी:
परियोजना का उद्देश्य नारनौल डिस्ट्रीब्यूटरी के अंतिम छोर से शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की जल निकासी क्षमता को 81.25 क्यूसेक से बढ़ाकर 100 क्यूसेक करना, शहबाजपुर से कमानियां माइनर की जल निकासी क्षमता को 9.60 से बढ़ाकर 12.55 क्यूसेक करना, शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी से अलीपुर माइनर की जल निकासी क्षमता को 5.25 से बढ़ाकर 10.79 क्यूसेक करना व शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की जल निकासी क्षमता को 4.00 से बढ़ाकर 10.00 क्यूसेक करना है।


क्या है भूजल पुनर्भरण
भूजल पुनर्भरण एक प्राकृतिक और निरंतर प्रक्रिया है जो जलभृतों को फिर से भरती है और भूजल को संतुलित करती है। यह तब होता है जब वर्षा, जैसे कि बारिश या बर्फ पिघलना, जमीन में घुस जाता है और छिद्रपूर्ण मिट्टी और चट्टान परतों के माध्यम से रिसकर जल स्तर तक पहुंच जाता है।
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