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Narnaul: दो हजार से ज्यादा लोगों से करोड़ों लेकर सात साल से कंपनी फरार, पीड़ितों ने दी आत्मदाह की धमकी

Mon, 08 May 2023 03:57 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Mon, 08 May 2023 03:57 PM IST
सार

नारनौल में दो हजार से ज्यादा लोगों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने बताया कि समृद्ध जीवन कंपनी द्वारा 2011 से 2017 तक लोगों के खाते खोने गए और हर माह के हिसाब से 500 से 2000 हज़ार रूपये भरवाए। ऐसा 2017 तक हुआ। उनको ज्यादा ब्याज का लालच दिया।

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Company absconding for seven years after taking crores from more than two thousand people in Narnaul
लघु सचिवालय में किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नारनौल और आसपस के लगभग 2 हज़ार से ज्यादा लोगों को लोन और ज्यादा ब्याज का झांसा देकर एक कम्पनी फरार हो गई। पिछले 7 स्लो से ये लोग अपनी जमापूंजी दिलवाने दी मांग प्रसाशन और सरकार से कर चुका हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई हैं। सोमवार को 200 से अधिक लोग एक बार फिर लघु सचिवालय में एकत्रित हुए और प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसने 100 के करीब महिलाए भी शामिल थी। पीड़ितों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी राशि नहीं मिली और वह लघु सचिवालय में आमरण अनशन शुरू कर देंगे और फिर भी सुनवाई नहीं होने पर आत्मदाह कर लेंगे।

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पीड़ितों का आरोप, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई, सड़कों पर उतरे लोग
पीड़ित मंजू, राजबाला, प्रेम देवी, शकुंतला, कृष्णा देवी, महावीर, भूप सिंह, आशीर्वाद देवी, बेगराज, सुशीला, उर्मिला व अन्य ने बताया कि समृद्ध जीवन कंपनी द्वारा 2011 से 2017 तक लोगों के खाते खोने गए और हर माह के हिसाब से 500 से 2000 हज़ार रूपये भरवाए। ऐसा 2017 तक हुआ। उनको ज्यादा ब्याज का लालच दिया। एजेंटो ने अपने जानकारों के खाते खुलवाए। जब पैसे देने की बात आई तो कंपनी फरार हो गाओ, लेकिन उनकी जमापूंजी नहीं मिली।
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200 से अधिक लोगों के लघु सचिवालय पर किया प्रदर्शन
उन्होंने बताया कि कई लोग राशि नहीं मिलने पर आत्माहत्या तक कर चुके हैं और हम भी ऐसा करने को मजबूर हैं। इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। वह दर-दर की ठोंकरे खा रहे हैं। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर जमाकरता अपने भुगतान के दवे बड्स एक्ट 2019 एवं राज्य के वित्तीय अधीशठनों मर जमाकरता हित संरक्षण अधिनियम के तहत नियुक्त सक्षम अधिकारियो के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग पूरी नहीं होती हैं तो वह आत्मादाह करने को मजबूर होंगे।

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