फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   cctv, camera, city, bus, stand, shop, relway station

तीसरी आंख की नजर में नहीं शहर की सुरक्षा

Fri, 23 Dec 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 23 Dec 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
cctv, camera, city, bus, stand, shop, relway station
शहर में नहीं सीसीटीवी कैमरे का पहरा
शहर में सर्दियों के मौसम में अचानक चोरियां बढ़ गई हैं। पहले मोबाइल की दुकान, फिर बैंक और फिर इनवर्टर बैट्री की दुकान पर चोरों ने लाखों रुपये की चोरी हुई। इसके बाद चोरों ने एक स्कूल को भी निशाना बनाया। चोरी की इन वारदातों में से एक दो वारदात तीसरी आंख यानी सीसीटीवी में भी कैद हुई। जिसमें चोरों का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है। यह सीसीटीवी पुलिस के लिए काफी मददगार हो सकता है, लेकिन पुलिस की छानबीन में जब धक्का लगा तब बस स्टैंड या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस को सीसीटीवी की फुटेज नहीं मिली। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी नहीं होने के कारण शहर की सुरक्षा राम भरोसे है।
विज्ञापन

किसी भी शहर या क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आपराधिक घटनाओं पर नजर रखने के लिए मुख्य चौराहों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तीसरी आंख का होना अत्यंत जरूरी है। लेकिन नारनौल शहर की बात करे तो शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी रामभरोसे ही चल रही है। सीसीटीवी कैमरों नहीं होने के कारण अपराधी बिना किसी भय के आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर निकल जाता है। वहीं बिना किसी ठोस सुराग के पुलिस उस अपराधी तक नहीं पहुंच पाती है। इससे अपराधी खुलेआम घूमते हुए ऐसी घटनाओं को बेझिझक अंजाम देते है।
विज्ञापन

अमर उजाला टीम ने लिया जायजा
शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने शहर के मुख्य चौराहों व सार्वजनिक स्थानों को जायजा लिया। टीम सबसे पहले शहर के अति व्यस्ततम चौराहे महावीर चौक पर पहुंची, जहां से प्रतिदिन कई हजारों वाहन व राहगीर अपने गंतव्य के लिए जाते है। वहीं यात्री भी बस के इंतजार में महावीर चौक पर खड़े रहते हैं। इससे महावीर चौक पर हमेशा भीड़ लगी रहती है। व्यस्ततम मुख्य चौराहा होने के कारण पुलिस भी तैनात रहती है, लेकिन चौराहे पर अक्सर अधिक भीड़ होने के कारण अपराधी आराम से घटना को अंजाम देकर भाग सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बस स्टैड के अधिकांश कैमरे टूटे
महावीर चौक से टीम सीधे नारनौल बस स्टैंड पर पहुंची। जहां तीसरी आंख तो देखने को मिली, लेकिन वह चालू हालात में नहीं थी। इसके चलते बस स्टैंड परिसर की सुरक्षा भी रामभरोसे ही दिखाई दी। नारनौल बस स्टैंड पर सुबह से लेकर सायं तक यात्रियों व विद्यार्थियों की भीड़ रहती है। बस स्टैंड पर विद्यार्थी गुट में अक्सर लड़ाई-झगड़े होते रहते है। अभी कुछ दिन पूर्व भी बस स्टैंड परिसर में कुछ युवकों ने एक युवक पर हमला बोल घायल कर दिया था, वहीं इस झगड़े को छुड़वाने पहुंचे पुलिस कर्मचारी को घायल कर दिया। जिसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।
रेलवे स्टेशन पर नहीं लगे कैमरे
बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद टीम नारनौल रेलवे स्टेशन पर पहुंची, लेकिन स्टेशन के अंदर व बाहर सीसीटीवी कैमरे दिखाई नहीं दिए।
प्रशासन नहीं दे रहा इस ओर ध्यान
शहर में बढ़ती चोरियां व वारदात के बावजूद भी जिला प्रशासन कतई भी गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। इसके चलते चोर बिना किसी भय के आराम से चोरियों को अंजाम देकर निकल जाते हैं। शहर में पिछले एक पखवाड़े के दौरान तीन बड़ी चोरियां हो चुकी है। जिसमें चोर करीब 30 लाख रुपये का सामान चुरा ले गए।
मोबाइल एसोसिएशन ने जांचे तो नहीं मिली फुटेज
मोबाइल विक्रेता संघ के प्रधान अरुण जैन ने बताया कि मोबाइल की दुकान में चोरी के बाद उन्होंने कई दुकानों के बाहर लगे कैमरे से चोरों को बस स्टैंड की ओर जाते देखा। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद किसी वाहन में बैठकर रेवाड़ी की ओर जाने का अनुमान लगाया जा रहा है, मगर जब उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर बस स्टेंड परिसर में लगे कैमरों को देखा तो उन्हें कैमरे खराब मिले। इससे जांच को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि बस स्टेंड आदि पर कैमरे होना जरूरी है।
 
अधिकांश शहरों में मुख्य चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, मगर मुझे नारनौल शहर में ऐसी कोई बात कहीं दिखाई नहीं दी।----समीर कुमार

;शहर में चोरी आदि की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में शहर की सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था भी जरूरी है।----महेंद्र कुमार

;सीसीटीवी कैमरों से अपराधियों की पहचान हो जाती है। इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे आदि लगे होने चाहिए। ------कृष्ण

अगर कहीं पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों तो अपराधी अपराध करने से डरता है। मगर शहर में कहीं सुरक्षा की दृष्टि से कैमरे नहीं दिखाई देते।------रामसिंह
मैंने रेलवे के अधिकारियों को रेलवे स्टेशन पर कैमरे लगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। अभी इस ओर कार्य होने की संभावना नहीं लग रही।---महेंद्र सिंह, स्टेशन मास्टर, नारनौल

बस स्टेंड पर सुरक्षा की दृष्टिï से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जो कैमरा खराब था, उसे ठीक करा दिया गया है।--सुरेंद्र यादव, जीएम रोडवेज
नप की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाने का प्रस्ताव है, जो चंडीगढ़ भेजा गया है।--केके यादव, सचिव, नप
सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे आदि लगाने चाहिए। यह काम डीसी के अंडर आता है। फिर भी पुलिस ने अपने तौर पर भी दुकानों, पेट्रोल पंपों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे आदि पर निगरानी रखती है।---नरेश कुमार, पीआरओ, पुलिस
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed