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नारनौल मंडी में जगह कम होने से किसान और आढ़ती परेशान

Thu, 04 Apr 2019 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2019 12:25 AM IST
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नारनौल मंडी में जगह कम होने से किसान और आढ़ती परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। पुरानी मंडी नारनौल में किसानों के साथ आढ़तियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली पार्क करने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि मंडी में संसाधनों की कमी हैं। दूसरी ओर 28 मार्च से तीन अप्रैल तक करीब 9676 क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। कुछेक किसानों के पैसे खाते में आए हैं।
नारनौल मंडी में सुबह 11 बजे किसानों को गिरदावरी के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ी। गेट पास बनते ही किसान सरसों को लेकर आढ़ती के पास पहुंच रहे थे। हालांकि सरसों में निर्धारित मात्रा से अधिक नमी होने के कारण ढेरी को सुखाना पड़ रहा था। मंडी में अन्य के बाजार होने के कारण जगह की कमी परेशानी हुई। दूसरी ओर आढ़तियों के भी वाहन मंडी में खड़े रहते हैं। ऐसे में किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली पार्क करने में परेशानी हुई। दूसरी ओर आढ़तियों ने बताया कि बताया कि कई बार समय से सरसों के उठान न होने से उन्हें परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि दो दिन धूप होने से बोरी का वजन कम हो जाता है। ऐसे में उन्हें नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि कई बार गोदाम से बोरे का वजन कम होने पर हैफेड बारदाना वापिस कर देता है। इसके अलावा दो बार ट्रक का वजन होने से आढ़तियों को भी परेशानी हो रही है।
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लोगों से बातचीत
कई बार समय से उठान न होने पर आढ़तियों को परेशानी हो रही है। सरसों का वजन करवाने के बाद हैफेड को ले जाना चाहिए, लेकिन कई बार एक-दो दिन बाद लेकर जाते हैं। ऐसे में धूप लगाने से सरसों का वजन कम हो जाता है।
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- बजरंग लाल, आढ़ती

पुरानी मंडी में जगह कम होने से सरसों की ढेरियों को सुखाने में परेशानी हो रही है। अभी सरसों की कम आवक हो रही है। आगे सरसों के साथ गेहूं भी आएगा। ऐसे में जगह के कारण किसान और आढ़ती दोनों परेशान होंगे।
- रमेश कुमार, आढ़ती

पुरानी मंडी में अव्यवस्थाओं की भरमार है। किसानों के बैठने तक के इंतजाम नहीं है। उन्हें आढ़तियों के पास शरण लेनी पड़ रही है। नई मंडी पर पर्याप्त जगह है। प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है।
जय प्रकाश, किसान गांव गहली

पुरानी मंडी में जगह की समस्या है। इससे किसान और आढ़ती दोनों को परेशानी हो रही है। मंडी में किसानों के वाहनों को खड़ा करने की समस्या है। बेहतर होगा कि नई मंडी में सरसों व गेहूं की खरीद हो। नांगल चौधरी मंडी शहर से बाहर है और पर्याप्त जगह है।

- राम अवतार, किसान गांव जाखनी

3200 बैग सरसों की आवक हुई
नांगल चौधरी। अनाज मंडी में मंगलवार को करीब 3200 बैग सरसों की आवक हुई। जिसमें 80 किसानों से दो हजार क्विंटल की खरीद हुई। खरीद अधिकारी राजेश कुमार व जगदीश प्रसाद ने बताया कि धीरे-धीरे सरसों की आवक बढ़ने लगी है। साथ ही तापमान के बढ़ने से नमी में भी गिरावट आने लगी है। दो दिन पहले तक 50 फीसदी ढेरी नमी के चलते रिजेक्ट होती थी। लेकिन तापमान में बढ़ोत्तरी के चलते बुधवार को केवल तीन ढेरियों में 10 प्रतिशत नमी मिली। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए दो बार खरीद होती है। आढ़तियों को खरीद के दिन ही तोल करने के आदेश हैं। ताकि रात को ठहरने की जरूरत नहीं पड़े।
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