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अधिक बारिश के चलते कपास व बाजरे की फसलें बर्बाद, किसानों ने सरकार से आर्थिक सहायता की लगाई गुहार
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गांव बवाना में किसानों द्वारा का काटकर बिछाई गई कपास की हरी फसल
- फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़। अधिक बारिश के कारण खेतों में खड़ी बाजरे एवं कपास की फसलों में काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के गांव मालड़ा व बवाना के किसानों ने सरकार से स्पेशल गिरदावरी करवा आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। दोनों ही गांवों के किसानों द्वारा करीब 200 एकड़ में बाजरा व कपास की फसल बिजाई की थी।
अधिक वर्षा के कारण दोनों ही फसलें खराब हो गई हैं। कपास की फसल अपने शुरुआती दौर में ही झड़कर नीचे गिर गई। इसके बाद अब खाली पौधे ही खेतों में लहरा रहे हैं। ऐसे में किसानों ने भी रबी फसल की तैयारी को लेकर हरी कपास की कटाई भी शुरू कर दी है। वहीं बाजरे की पककर तैयार खड़ी फसल भी अधिक बारिश के कारण खराब हो चुकी है।
एक एकड़ पर दस हजार रुपये तक हुए खर्च
किसान सतबीर मास्टर, भूप सिंह, चैनसुख, कैप्टन खेला राम, राजेंद्र सिंह, शुभराज, भवन नरेंद्र, मुकेश कुमार ने बताया कि कपास की बिजाई से लेकर अब तक एक एकड़ में करीब दस हजार रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन फसल बर्बाद हो चुकी है। बाजरा बारिश के कारण गल गया है जबकि कपास की फसल भी फल-फूल झड़कर केवल पौधे ही रह गए हैं। ऐसे में किसानों ने खेतों को खाली करने के लिए हरी कपास की कटाई भी शुरू कर दी है।
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चार एकड़ में कपास की फसल की बिजाई की थी। अधिक बारिश के कारण फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है जिसके चलते हरी कपास की ही कटाई शुरू कर दी। भारी बारिश के कारण उनकी सभी आशाओं पर पानी फिर गया। इस बार फसल से एक पैसा भी नहीं आया। सरकार से मांग है कि स्पेशल गिरदावरी करवा उचित मुआवजा किसानों को दे।
- सतबीर मास्टर, किसान मालड़ा
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अधिक बारिश के कारण बाजरे की फसल 80 प्रतिशत तक खराब हो चुकी है। बची हुई पैदावार की गुणवत्ता इतनी अधिक खराब हो चुकी है कि वह इंसानों तो क्या पशुओं के खाने लायक भी नहीं बची है। बाजरा व कपास की फसल अपने पकाव पर थी बार-बार बारिश आने की वजह से पूरी तरह नष्ट हो गई।
-चैनसुख, किसान बवाना
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इस बार पट्टे पर खेत लेकर फसलों की बिजाई की थी। अधिक बारिश होने के कारण फसल खराब हो चुकी है। उन्होंने कपास की फसल को काटना शुरू कर दिया ताकि खेत खाली होकर अगली फसल के लिए खेत की तैयारी की जा सके। सरकार से मांग है कि किसानों की आर्थिक सहायता कर फसलों में हुए नुकसान की भरपाई करे।
- कैप्टन खौलाराम , बवाना किसान।
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तेज बारिश से एक दिन पूर्व ही बाजरे की कटाई कराई थी। अधिक बारिश के कारण बाजरा सिरटों में ही उग गया जिसके कारण पूरी तरह से फसल खराब हो गई। अधिक बारिश से इस बार कपास के फूल व फल झड़ चुका है। इस क्षेत्र के किसानों को इस बार अधिक बारिश के चनले दोनों ही फसलों में भारी नुकसान हुआ है। सरकार से मांग की है फसल की स्पेशल गिरदावरी करके मुआवजा दिया जाए।
- केदार सिंह, किसान बवाना
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अधिक वर्षा के कारण दोनों ही फसलें खराब हो गई हैं। कपास की फसल अपने शुरुआती दौर में ही झड़कर नीचे गिर गई। इसके बाद अब खाली पौधे ही खेतों में लहरा रहे हैं। ऐसे में किसानों ने भी रबी फसल की तैयारी को लेकर हरी कपास की कटाई भी शुरू कर दी है। वहीं बाजरे की पककर तैयार खड़ी फसल भी अधिक बारिश के कारण खराब हो चुकी है।
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एक एकड़ पर दस हजार रुपये तक हुए खर्च
किसान सतबीर मास्टर, भूप सिंह, चैनसुख, कैप्टन खेला राम, राजेंद्र सिंह, शुभराज, भवन नरेंद्र, मुकेश कुमार ने बताया कि कपास की बिजाई से लेकर अब तक एक एकड़ में करीब दस हजार रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन फसल बर्बाद हो चुकी है। बाजरा बारिश के कारण गल गया है जबकि कपास की फसल भी फल-फूल झड़कर केवल पौधे ही रह गए हैं। ऐसे में किसानों ने खेतों को खाली करने के लिए हरी कपास की कटाई भी शुरू कर दी है।
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चार एकड़ में कपास की फसल की बिजाई की थी। अधिक बारिश के कारण फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है जिसके चलते हरी कपास की ही कटाई शुरू कर दी। भारी बारिश के कारण उनकी सभी आशाओं पर पानी फिर गया। इस बार फसल से एक पैसा भी नहीं आया। सरकार से मांग है कि स्पेशल गिरदावरी करवा उचित मुआवजा किसानों को दे।
- सतबीर मास्टर, किसान मालड़ा
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अधिक बारिश के कारण बाजरे की फसल 80 प्रतिशत तक खराब हो चुकी है। बची हुई पैदावार की गुणवत्ता इतनी अधिक खराब हो चुकी है कि वह इंसानों तो क्या पशुओं के खाने लायक भी नहीं बची है। बाजरा व कपास की फसल अपने पकाव पर थी बार-बार बारिश आने की वजह से पूरी तरह नष्ट हो गई।
-चैनसुख, किसान बवाना
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इस बार पट्टे पर खेत लेकर फसलों की बिजाई की थी। अधिक बारिश होने के कारण फसल खराब हो चुकी है। उन्होंने कपास की फसल को काटना शुरू कर दिया ताकि खेत खाली होकर अगली फसल के लिए खेत की तैयारी की जा सके। सरकार से मांग है कि किसानों की आर्थिक सहायता कर फसलों में हुए नुकसान की भरपाई करे।
- कैप्टन खौलाराम , बवाना किसान।
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तेज बारिश से एक दिन पूर्व ही बाजरे की कटाई कराई थी। अधिक बारिश के कारण बाजरा सिरटों में ही उग गया जिसके कारण पूरी तरह से फसल खराब हो गई। अधिक बारिश से इस बार कपास के फूल व फल झड़ चुका है। इस क्षेत्र के किसानों को इस बार अधिक बारिश के चनले दोनों ही फसलों में भारी नुकसान हुआ है। सरकार से मांग की है फसल की स्पेशल गिरदावरी करके मुआवजा दिया जाए।
- केदार सिंह, किसान बवाना