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शीतलहर चलने से बढ़ी ठंड, पर स्कूलों का नहीं बदला समय
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दो दिनों में मौसम में अचानक बदलाव आने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को शीतलहर चलने से दिन में भी ठंड बढ़ गई। हालांकि हल्की धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली है। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के नोडल अधिकारी प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते नमी वाली पूर्वी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 15 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील व गतिशील रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान में बादल छाये रहेंगे। कोहरा पड़ने की संभावना बनी रहेगी। रविवार को न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को अचानक ठंड बढ़ने से न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को आसमान में बादल छाये रहने से न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने के बाद ठंड में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
ठंड बढ़ी, लेकिन स्कूलों का समय नहीं बदला
ठंड में लगातार बढ़ोतरी होने के बाद भी सरकारी व निजी स्कूल संचालकों ने स्कूलों के समय में कोई बदलाव नहीं किया है। जिससे नौनिहालों को सुबह ठंड में कंपकपाते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में हजारों की संख्या में छात्र पढ़ रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल बस के लिए जल्दी जाना पड़ता है। ठंड बढ़ने के बाद भी निजी स्कूलों का समय साढ़े 8 बजे का बना हुआ है। ऐसे में छोटे बच्चों को सुबह 6 बजे उठकर तैयार होना पड़ता है।
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बच्चें पड़ रहे बीमार, परिजन भी परेशान
अभिभावकों की माने तो निजी स्कूल संचालकों की बसे सुबह 7 बजे ही बच्चों को स्कूल के लिए लेने पहुंच जाती है। जिसके लिए उनको सुबह 6 बजे उठकर स्कूल के लिए तैयार होना पड़ता है। थोड़ा लेट होने पर बस संचालक बच्चों को छोड़ जाते हैं, मगर ठंड बढ़ने के बाद भी स्कूल संचालक स्कूलों का समय नहीं बढ़ा रहे है। अधिक ठंड बढ़ने से बच्चों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। यदि स्कूलों का टाइम 9 बजे कर दिया जाए तो अभिभावकों के साथ बच्चों को भी राहत मिलेगी।
मौसम में बच्चों का रखे ध्यान
नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप यादव ने बताया कि इस मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही के कारण छोटे बच्चों का बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि दिन के समय धूप निकलने के बाद ही बच्चों को बाहर निकाले। अगर बच्चा खांसी, जुकाम व अन्य बीमारी से ग्रसित है तो तुरंत चिकित्सक के पास लेकर जाये, गर्म कपड़े पहनाकर ही हमेशा बच्चों को बाहर निकाले व दोपहिया वाहन पर बच्चों को सफर न करवाएं।
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राजकीय महाविद्यालय नारनौल के नोडल अधिकारी प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते नमी वाली पूर्वी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 15 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील व गतिशील रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान में बादल छाये रहेंगे। कोहरा पड़ने की संभावना बनी रहेगी। रविवार को न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को अचानक ठंड बढ़ने से न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को आसमान में बादल छाये रहने से न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने के बाद ठंड में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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ठंड बढ़ी, लेकिन स्कूलों का समय नहीं बदला
ठंड में लगातार बढ़ोतरी होने के बाद भी सरकारी व निजी स्कूल संचालकों ने स्कूलों के समय में कोई बदलाव नहीं किया है। जिससे नौनिहालों को सुबह ठंड में कंपकपाते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में हजारों की संख्या में छात्र पढ़ रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल बस के लिए जल्दी जाना पड़ता है। ठंड बढ़ने के बाद भी निजी स्कूलों का समय साढ़े 8 बजे का बना हुआ है। ऐसे में छोटे बच्चों को सुबह 6 बजे उठकर तैयार होना पड़ता है।
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बच्चें पड़ रहे बीमार, परिजन भी परेशान
अभिभावकों की माने तो निजी स्कूल संचालकों की बसे सुबह 7 बजे ही बच्चों को स्कूल के लिए लेने पहुंच जाती है। जिसके लिए उनको सुबह 6 बजे उठकर स्कूल के लिए तैयार होना पड़ता है। थोड़ा लेट होने पर बस संचालक बच्चों को छोड़ जाते हैं, मगर ठंड बढ़ने के बाद भी स्कूल संचालक स्कूलों का समय नहीं बढ़ा रहे है। अधिक ठंड बढ़ने से बच्चों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। यदि स्कूलों का टाइम 9 बजे कर दिया जाए तो अभिभावकों के साथ बच्चों को भी राहत मिलेगी।
मौसम में बच्चों का रखे ध्यान
नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप यादव ने बताया कि इस मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही के कारण छोटे बच्चों का बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि दिन के समय धूप निकलने के बाद ही बच्चों को बाहर निकाले। अगर बच्चा खांसी, जुकाम व अन्य बीमारी से ग्रसित है तो तुरंत चिकित्सक के पास लेकर जाये, गर्म कपड़े पहनाकर ही हमेशा बच्चों को बाहर निकाले व दोपहिया वाहन पर बच्चों को सफर न करवाएं।