{"_id":"571a66754f1c1b6a7d8b49e8","slug":"civil-hospital-patient","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकित्सक ग्रामोदय में व्यस्त, अस्पताल में मरीज पस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकित्सक ग्रामोदय में व्यस्त, अस्पताल में मरीज पस्त
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
चिकित्सक के न आने पर अस्पताल में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागरिक अस्पताल में शुक्रवार सुबह चिकित्सकों के न मिलने पर इलाज कराने आए मरीजों और उनके तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। मरीजों ने चिकित्सकों के कक्षों की खाली कुर्सियों पर बैठकर विरोध भी जताया। वहीं खाली पड़े चिकित्सकों के कक्ष के सामने नारेबाजी की। मरीजों ने करीब दो घंटे तक अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने आधे घंटे में ही व्यवस्था ठीक करने की बात कहकर मरीजों को शांत किया। जिसके बाद सुबह करीब साढ़े दस बजे अस्पताल की सेवाएं बहाल हो सकी।
नारनौल के नागरिक अस्पताल में पहले ही चिकित्सकों की कमी चल रही है। वहीं कुछ एक चिकित्सक हैं, उनकी इन दिनों चल रहे ग्रामोदय कार्यक्रम में ड्यूटी लगी हुई है। जिसके चलते अस्पताल में सुबह आठ बजे के बाद से दस बजे तक एक भी चिकित्सक नहीं पहुंचा। जिसके कारण अस्पताल में शुक्रवार सुबह मरीजों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। सुबह 5 बजे से चर्म रोग विशेषज्ञ के कक्ष नंबर-6 के सामने लाइन लगाकर खड़े मरीजों को जब सवा नौ बजे पता चला कि चिकित्सक आज भी नहीं आएंगे, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मरीज शिकायत लेकर जब चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में पहुंचे तो चिकित्सा अधीक्षक भी वहां नहीं मिले। जिस पर सभी मरीज सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच गए। जहां सिविल सर्जन ने आधे घंटे में चिकित्सकों की उपस्थिति बहाल करने का भरोसा दिलाया।
ग्रामोदय कार्यक्रम में लगी है ड्यूटी
ग्रामोदय कार्यक्रम में चिकित्सकों की ड्यूटियां भिन्न-भिन्न गांवों में रोज लगाई जा रही है। जिसके चलते चिकित्सक अस्पताल में समय नहीं दे पा रहे हैं। वहीं मरीज अल सुबह ही आकर लाइन में लग जाते हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को भी जनरल ओपीडी, चर्म रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, आयुष चिकित्सक की कुर्सियां सुबह सवा नौ बजे तक खाली रही। जिसके चलते इंतजार कर रहे मरीजों का धैर्य जवाब दे गया।
विज्ञापन
क्या कहते हैं मरीज
भावती कारोली, रीतू कायसा, लालचंद बुढ़वाल व उमेश बदोपुर इत्यादि मरीजों ने बताया कि वे इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। किंतु यहां आने पर चिकित्सक नदारद मिलते हैं। जिसके चलते न केवल उनका समय बर्बाद होता है। अपितु आने-जाने में किराया भी खर्च होता है। सरकार को चाहिए कि ज्यादा चिकित्सकों की भर्ती करें। मरीजों का ये भी कहना था कि अगर चिकित्सक छुट्टी पर रहता है या उसकी ड्यूटी कहीं बाहर लगाई जाती है तो इसकी सूचना चिकित्सक के कक्ष के बाहर चस्पा कर दी जानी चाहिए। ताकि मरीजों को इस तरह की समस्याओं से दो-चार ना होना पड़े।
दो घंटे रहा बवाल, मरीज बेहाल
मरीजों के नागरिक अस्पताल में हंगामा किए जाने के कारण वहां पर दो घंटे तक बवाल रहा। सुबह आठ बजे शुरू होने वाली ओपीडी भी साढ़े 10 बजे शुरू हो पाई। इस बवाल के कारण अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज भी बेहाल रहे।
बाद में लगाई ड्यूटी, लगी लंबी लाइनें बाद में मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने चिकित्सकों को फोन करके बुलाया। जिसके बाद अस्पताल में मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई।
विज्ञापन
नारनौल के नागरिक अस्पताल में पहले ही चिकित्सकों की कमी चल रही है। वहीं कुछ एक चिकित्सक हैं, उनकी इन दिनों चल रहे ग्रामोदय कार्यक्रम में ड्यूटी लगी हुई है। जिसके चलते अस्पताल में सुबह आठ बजे के बाद से दस बजे तक एक भी चिकित्सक नहीं पहुंचा। जिसके कारण अस्पताल में शुक्रवार सुबह मरीजों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। सुबह 5 बजे से चर्म रोग विशेषज्ञ के कक्ष नंबर-6 के सामने लाइन लगाकर खड़े मरीजों को जब सवा नौ बजे पता चला कि चिकित्सक आज भी नहीं आएंगे, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मरीज शिकायत लेकर जब चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में पहुंचे तो चिकित्सा अधीक्षक भी वहां नहीं मिले। जिस पर सभी मरीज सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच गए। जहां सिविल सर्जन ने आधे घंटे में चिकित्सकों की उपस्थिति बहाल करने का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
ग्रामोदय कार्यक्रम में लगी है ड्यूटी
ग्रामोदय कार्यक्रम में चिकित्सकों की ड्यूटियां भिन्न-भिन्न गांवों में रोज लगाई जा रही है। जिसके चलते चिकित्सक अस्पताल में समय नहीं दे पा रहे हैं। वहीं मरीज अल सुबह ही आकर लाइन में लग जाते हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को भी जनरल ओपीडी, चर्म रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, आयुष चिकित्सक की कुर्सियां सुबह सवा नौ बजे तक खाली रही। जिसके चलते इंतजार कर रहे मरीजों का धैर्य जवाब दे गया।
विज्ञापन
क्या कहते हैं मरीज
भावती कारोली, रीतू कायसा, लालचंद बुढ़वाल व उमेश बदोपुर इत्यादि मरीजों ने बताया कि वे इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। किंतु यहां आने पर चिकित्सक नदारद मिलते हैं। जिसके चलते न केवल उनका समय बर्बाद होता है। अपितु आने-जाने में किराया भी खर्च होता है। सरकार को चाहिए कि ज्यादा चिकित्सकों की भर्ती करें। मरीजों का ये भी कहना था कि अगर चिकित्सक छुट्टी पर रहता है या उसकी ड्यूटी कहीं बाहर लगाई जाती है तो इसकी सूचना चिकित्सक के कक्ष के बाहर चस्पा कर दी जानी चाहिए। ताकि मरीजों को इस तरह की समस्याओं से दो-चार ना होना पड़े।
दो घंटे रहा बवाल, मरीज बेहाल
मरीजों के नागरिक अस्पताल में हंगामा किए जाने के कारण वहां पर दो घंटे तक बवाल रहा। सुबह आठ बजे शुरू होने वाली ओपीडी भी साढ़े 10 बजे शुरू हो पाई। इस बवाल के कारण अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज भी बेहाल रहे।
बाद में लगाई ड्यूटी, लगी लंबी लाइनें बाद में मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने चिकित्सकों को फोन करके बुलाया। जिसके बाद अस्पताल में मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई।