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Mahendragarh-Narnaul News: स्कूल बसों की जांच जरूरी, लेकिन छात्रों को परेशान करना गलत

Wed, 17 Apr 2024 05:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Wed, 17 Apr 2024 05:04 AM IST
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Checking school buses is necessary, but harassing students is wrong
नारनौल। कनीना क्षेत्र के गांव उन्हाणी के पास हुए स्कूल बस हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त होकर निजी स्कूलों पर कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों में बसों की जांच हो, इससे किसी को काेई परेशानी नहीं है, लेकिन सोमवार को जिस तरह से रेवाड़ी रोड पर सभी स्कूलों की बसों को रोककर पुलिस ने जांच की, वह शहर में चर्चा का विषय है। इसको लेकर मंगलवार को निजी स्कूल संचालकों ने उपायुक्त और एसपी से मिलकर जताया रोष जताया।
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बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस तरह की जांच का विरोध किया। छात्रों के अभिभावकों का कहना था कि उन्हाणी घटना के बाद सभी स्कूलों में वाहनों व उसके चालक-परिचालकों की जांच होनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इस घटना के बाद अब अभिभावक भी जागरूक हो गए हैं और वे बच्चों को स्कूल की बस में बैठाकर चालक व परिचालकों की जांच कर उन्हें सही वाहन चलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि सोमवार को स्कूलों की छुट्टी होने के बाद रेवाड़ी रोड पर सभी स्कूल बसों को रोक दिया गया, जिसके कारण गांव नीरपुर के आगे तक स्कूल बसों की लाइनें लग गईं। इस तरह बसों में बैठे बच्चे परेशान होते रहे। दोपहर 2.30 बजे छुट्टी के बाद वे अपने बच्चों को लेने के लिए स्टैंड पर पहुंच गए थे, लेकिन बस रोज जिस समय आती है, उस समय नहीं आने पर उन्हें भी चिंता हो गई।
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एक साथ सभी स्कूलों की बसों को रोककर जांच करना ठीक नहीं
उन्हाणी स्कूल बस हादसे में मारे गए बच्चों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है और हम चाहते हैं कि प्रशासन की ओर से स्कूल बसों पर सख्ती की जाए, लेकिन छुट्टी के बाद एक साथ सभी स्कूलों की बसों को रोककर जांच करना ठीक नहीं है, क्योंकि इस तरह की जांच से बसों में बैठे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल बसों पर संचालकों के फोन नंबर के साथ-साथ प्रशासन को पुलिस हेल्पलाइन नंबर और लिखवाने चाहिए, जिससे अगर कोई चालक गलत बस चलाता दिखे तो पुलिस और स्कूल संचालक दोनों को फोन किया जा सके।

- प्रवीण शर्मा, अभिभावक
उन्हाणी का हादसा बहुत दर्दनाक था और किसी के साथ भी ऐसी घटना होती है तो उसके दुख की भरपाई नहीं की जा सकती। भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए हम सभी को जागरूक होना पड़ेगा, लेकिन सोमवार को जिस तरह से बसों की जांच की गई, इससे अभिभावकों और बच्चों दोनों को परेशानी हुई।

- डाॅ. संजय मान, अभिभावक

सभी नियम ध्यान में रखकर जांच की जाए
कल जिस तरह स्कूल बसों की जांच की गई, उससे सभी निजी स्कूल संचालकों में रोष है। प्रशासन स्कूल बसों की जांच करे तो स्कूल में आकर हम सहयोग करेंगे। स्कूल बसों की जांच करने के सभी नियम ध्यान में रखकर जांच की जाए। अगर इसी तरह जांच हुई तो पूरे प्रदेश में यूनियन को कड़ा फैसला लेना पड़ेगा। बसों को रोकने पर हम सभी निजी स्कूल संचालक उपायुक्त व एसपी से भी मिले थे, जिन्होंने बच्चों की परेशानियों को भी ठीक से समझा।

- अनिल कौशिक, प्रधान प्रोग्रेसिव प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
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