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Mahendragarh-Narnaul News: भगवान श्रीकृष्ण का मनाया जन्मोत्सव
Tue, 08 Oct 2024 12:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 08 Oct 2024 12:46 AM IST
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फोटो संख्या:62- कनीना में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत कथा में प्रवचन सुनती महिलाएं-स्रोत-आयोजक
कनीना। श्री श्याम मंदिर कनीना में श्रीमद्देवी भागवत कथा के पांचवें दिन की कथा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कथा व्यास पंडित हेमराज भारद्वाज ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्माजी व शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्रीहरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा। इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी न किसी रूप में उपस्थित रहना।
पंडित हेमराज भारद्वाज ने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार धारण किया तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिवजी भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। उन्होंने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता भी वहां अवश्य आते है और भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लेते है।
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कथा व्यास पंडित हेमराज भारद्वाज ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्माजी व शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्रीहरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा। इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी न किसी रूप में उपस्थित रहना।
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पंडित हेमराज भारद्वाज ने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार धारण किया तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिवजी भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। उन्होंने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता भी वहां अवश्य आते है और भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लेते है।
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