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ग्राम पंचायत के फंडों का गबन और धोखाधड़ी के आरोप में पूर्व सरपचं के पति व पुत्र के विरुद्ध मामला दर्ज
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पंचायत के फंडों में गबन के आरोप में उपमंडल के गांव बाघोत की पूर्व सरपंच, उसके पति तथा पुत्र के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज किया है। कनीना सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दायर एक इस्तगासा में वेदप्रकाश बाघोत ने कहा है कि लाली देवी वर्ष 2010 से 2015 तक बाघोत की सरपंच रही है। इसके कार्यकाल में तमाम कार्य सरपंच का पति रमेश कुमार करता था तथा रिकार्ड मेंटेन करता था। सुधीर कुमार पूर्व सरपंच का पुत्र है। उसके पास एक झूठी फ्रेंचाइजी है। इन्होंने मिलकर ग्राम पंचायत बाघोत के पंचायत फंड का जानबूझकर दुरुपयोग किया है और गबन किया है तथा तमाम रिकार्ड झूठा तैयार किया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2010 से 2015 में पंचायत फंड से हाई मास्क लाइटों का गबन, मनरेगा राशि का गबन, सीवर लाइन के नाम पर 22 लाख रुपये का खर्चा दिखाकर घोटाला किया है। इसके अलावा एचआरडीएफ योजना के तहत सरकार से गली निर्माण की आड़ में अनुदान प्राप्त किया जो पूर्व सरपंच ने गलत बिल दिखाकर खरीद दिखाई है। नाले के निर्माण में घोटाला, गलियों में लगी टाइलों की खरीद में गड़बड़ी की है और टाइलों के नीचे रोड़े कम डाले गए हैं। इन सभी कार्यों का धरातल एवं रिकार्ड में मिलान भी नहीं हो रहा है।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कनीना द्वारा की गई जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच ने दो लाख रुपये की हाई मास्क लाइट करणी ट्रेडिंग कंपनी से पंचायत फंड से खरीदी दर्शाई है। जबकि हाई मास्क लाइट नहीं लगाई गई जो पूर्व सरपंच ने दो लाख रुपये की राशि ग्राम पंचायत बाघोत में जमा करवाए हैं। बीस लाख रुपये का ग्राम पंचायत बाघोत के फंड में राशि का गबन किया गया है।
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इस्तगासा के आधार पर पूर्व सरपंच, उसके पति, पुत्र के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि पूर्व सरपंच कम पढ़ी लिखी औरत है तथा उसके पति अनपढ़ है इसलिए सारा काम उनका पुत्र करता था तथा ग्राम पंचायत का सारा कार्य 2010 से 2015 तक उनका पुत्र ने ही किया है। पंचायत में गोलमाल और हेराफेरी उसके पुत्र ने की है। इसके अलावा उसके पुत्र ने वृद्ध लोगों से पैसे लेकर उनके गलत वृद्धावस्था पेंशन चालू करवाई। जिसे समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिलकर बंद करवा दी जिसकी सूचना आरटीआई द्वारा प्राप्त की है। ऐसे में वे धोखाधड़ी का जिम्मेदार हैं।
न्यायालय के आदेशों पर तीन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर जांच होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर संतोष कुमार, एसएचओ थाना कनीना
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2010 से 2015 में पंचायत फंड से हाई मास्क लाइटों का गबन, मनरेगा राशि का गबन, सीवर लाइन के नाम पर 22 लाख रुपये का खर्चा दिखाकर घोटाला किया है। इसके अलावा एचआरडीएफ योजना के तहत सरकार से गली निर्माण की आड़ में अनुदान प्राप्त किया जो पूर्व सरपंच ने गलत बिल दिखाकर खरीद दिखाई है। नाले के निर्माण में घोटाला, गलियों में लगी टाइलों की खरीद में गड़बड़ी की है और टाइलों के नीचे रोड़े कम डाले गए हैं। इन सभी कार्यों का धरातल एवं रिकार्ड में मिलान भी नहीं हो रहा है।
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कनीना द्वारा की गई जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच ने दो लाख रुपये की हाई मास्क लाइट करणी ट्रेडिंग कंपनी से पंचायत फंड से खरीदी दर्शाई है। जबकि हाई मास्क लाइट नहीं लगाई गई जो पूर्व सरपंच ने दो लाख रुपये की राशि ग्राम पंचायत बाघोत में जमा करवाए हैं। बीस लाख रुपये का ग्राम पंचायत बाघोत के फंड में राशि का गबन किया गया है।
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इस्तगासा के आधार पर पूर्व सरपंच, उसके पति, पुत्र के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि पूर्व सरपंच कम पढ़ी लिखी औरत है तथा उसके पति अनपढ़ है इसलिए सारा काम उनका पुत्र करता था तथा ग्राम पंचायत का सारा कार्य 2010 से 2015 तक उनका पुत्र ने ही किया है। पंचायत में गोलमाल और हेराफेरी उसके पुत्र ने की है। इसके अलावा उसके पुत्र ने वृद्ध लोगों से पैसे लेकर उनके गलत वृद्धावस्था पेंशन चालू करवाई। जिसे समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिलकर बंद करवा दी जिसकी सूचना आरटीआई द्वारा प्राप्त की है। ऐसे में वे धोखाधड़ी का जिम्मेदार हैं।
न्यायालय के आदेशों पर तीन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर जांच होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर संतोष कुमार, एसएचओ थाना कनीना