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नारनौल को कैटल फ्री बनाने के लिए बेसहारा गोवंशों का अभियान शुरू

Fri, 03 Dec 2021 11:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 11:27 PM IST
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Campaign of destitute cows started to make Narnaul cattle free
बेसहारा गोवंश को पकड़कर ले जाते ठेकेदार के कर्मचारी। संवाद - फोटो : Narnol
चार वर्ष बाद नप ने एक बार फिर से शहर को कैटल फ्री बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। नगर परिषद ने नारनौल में घूम रहे लगभग 500 बेसहारा गोवंशों को पकड़कर उन्हें खालड़ा गोशाला में छोड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। नप द्वारा जारी किए गए टेंडर के बाद शुक्रवार से अभियान की शुरुआत भी हो चुकी है। परिषद यह टेंडर शहर की ही कंपनी को एक वर्ष के लिए दिया है। शुक्रवार को 4 बेसहारा गोवंशों को पकड़ कर उनको खालड़ा गोशाला में छोड़ा गया। अब बेसहारा गोवंशों के मारने या उनकी वजह से होने वाले सड़क हादसों पर रोक लगेगी। साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण में इसके अलग से नंबर जुड़ने में रैंकिंग में भी सुधार होगा।
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बता दें कि जिले में लगभग पांच हजार बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। उनकी वजह से जिले में कई हादसे हो चुके हैं। ये बेसहारा गोवंश स्टेट हाईवे तथा अन्य मुख्य मार्गों पर बैठे रहते हैं। रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देने पर वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं। नगर परिषद की ओर से कुछ दिन पहले ही बेसहारा गोवंशों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। यह टेंडर नप ने एक वर्ष के लिए शहर के एक ठेकेदार को दिया है। ठेकेदार को नारनौल में घूम रहे सभी 500 बेसहारा गोवंशों को पकड़ने का लक्ष्य दिया हुआ है।
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ठेकेदार को बेसहारा गोवंशों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रेट दिया जाएगा । एक बछड़े के लिए 400 रुपये, एक गाय के लिए 500 रुपये और एक नंदी के लिए एक हजार रुपये चार्ज दिया जाएगा। इससे पहले 2017 में शहर से बेसहारा गोवंशों को पकड़कर गोशाला में डाला गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद गोशाला संचालकों ने उनको दोबारा से बाहर छोड़ दिया था। जिला प्रशासन ने अपनी औपचारिकता पूरी कर जिले को कैटल फ्री घोषित करवा दिया था।
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बेसहारा गोवंशों को पकड़ने का टेंडर
एक बछड़ा-400 रुपये
एक गाय- 500 रुपये
एक नंदी -1000 रुपये
प्रशासन की नंदीशाला में छोड़े जाएंगे बेसहारा गोवंश
ठेकेदार बेसहारा गोवंशों को पकड़कर नप की नंदीशाला खालड़ा में छोड़ेंगे। ठेकेदार पकड़े गोवंश को गोशाला में छोड़ने के दौरान उनकी एंट्री करवाएंगे। इसकी रिपोर्ट नप को भी देनी होगी। नंदीशाला में गोवंशों के लिए प्रशासन की ओर से चारा-पानी की व्यवस्था की गई है। इनकी देखरेख के लिए चार कर्मचारी भी लगाए गए हैं।
नारनौल में गोवंश की वजह से दो महीने में की गई जान, एक हुआ घायल
नारनौल शहर में पिछले दो महीने में गोवंश की वजह से एक अधेड़ की जान जा चुकी है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो चुका है। मोहल्ला सैनीपुरा निवासी माधोराम (60) सुबह के समय अपनी चाय की दुकान पर आया था। उस समय सांड़ों की लड़ाई के दौरान वह उनकी चपेट में आ गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में उसकी मौत हो गई थी। इसी प्रकार महेंद्रगढ़ के मोहल्ला शेरागुवाड़ी निवासी 50 वर्षीय रमेश भी सांड़ों की लड़ाई के दौरान उनकी चपेट में आ गया था।
अंतरराष्ट्रीय चैनल पर चला था महेंद्रगढ़ का वीडियो
महेंद्रगढ़ में पिछले वर्ष परशराम भवन के साथ लगती गली में सिटी चौकी के पास एक बुजुर्ग महिला को सांड़ ने बार-बार पटका था। उसे बचाने के लिए उसका पोता आया तो उसे भी सांड़ ने उठाकर पटक दिया था। बुजुर्ग महिला जब उठकर दोबारा चलना चाही तो फिर से उसे पटक दिया था। इसके बाद वहां पर आए लोगों ने लाठी-डंडों से मारकर सांड़ को भगाया था। बुुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसकी सीसीटीवी फुटेज अंतरराष्ट्रीय चैनलों पर भी चली थी। इसी दिन सांड़ ने तीन अन्य लोगों को घायल कर दिया था।

नगर परिषद ने टेंडर जारी कर बेसहारा गोवंशों को पकड़ने का अभियान शुरू करवा दिया है। ठेकेदार एक वर्ष तक बेसहारा गोवंशों को पकड़कर नपा की नंदीशाला में छोड़ेगा। नारनौल में लगभग 500 बेसहारा गोवंश हैं। इन सभी को जल्द से जल्द पकड़वाया जाएगा। -सुमन लता, ईओ, नगर परिषद नारनौल।
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