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Mahendragarh-Narnaul News: बस सेवा बनी बच्चों की राह सरकारी स्कूलों में बढ़ी चाह
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फोटो नंबर-22बस में बैठकर स्कूल जाते मॉडल स्कूल के विद्यार्थी। संवाद
नारनौल। शिक्षा विभाग के पायलट प्रोजेक्ट के तहत नारनौल ब्लॉक के 12 सरकारी स्कूलों में इस सत्र से बस सुविधा शुरू की गई है। इसके बाद इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 25 से 30 फीसदी तक में बढ़ोतरी हुई है। इन स्कूलों में निजी कंपनी की बसें चल रही हैं। बसों की हालत भी ठीक है।
नारनौल के मॉडल संस्कृति स्कूल और पीएमश्री स्कूल में विद्यार्थियों के लिए दो-दो बसें लगाई गई हैं जिनमें मॉडल स्कूल बच्चों की संख्या करीब 800 से बढ़कर 1000 हो गई। वहीं, पीएमश्री स्कूल बच्चों की संख्या करीब 650 से बढ़कर 850 हो गई है।
इसके अलावा, पीएमश्री कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, निजावनगर पीएमश्री स्कूल, कोरियावास, गोद, निजामपुर, आजमाबाद, हुडिना और मारोली के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में भी बस सेवा दी जा रही है। नारहेड़ी के मिडिल स्कूल में भी परिवहन सुविधा मिल रही है।
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वहीं, जिले के कई सरकारी स्कूल अभी भी बस सुविधा से वंचित हैं। नारनौल के धोलेड़ा स्थित मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आसपास के गांवों से काफी बच्चे पढ़ने आते हैं। कई विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए दो से चार किलोमीटर तक पैदल या दूसरे साधनों से सफर करना पड़ता है।
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नारनौल के मॉडल संस्कृति स्कूल और पीएमश्री स्कूल में विद्यार्थियों के लिए दो-दो बसें लगाई गई हैं जिनमें मॉडल स्कूल बच्चों की संख्या करीब 800 से बढ़कर 1000 हो गई। वहीं, पीएमश्री स्कूल बच्चों की संख्या करीब 650 से बढ़कर 850 हो गई है।
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इसके अलावा, पीएमश्री कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, निजावनगर पीएमश्री स्कूल, कोरियावास, गोद, निजामपुर, आजमाबाद, हुडिना और मारोली के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में भी बस सेवा दी जा रही है। नारहेड़ी के मिडिल स्कूल में भी परिवहन सुविधा मिल रही है।
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वहीं, जिले के कई सरकारी स्कूल अभी भी बस सुविधा से वंचित हैं। नारनौल के धोलेड़ा स्थित मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आसपास के गांवों से काफी बच्चे पढ़ने आते हैं। कई विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए दो से चार किलोमीटर तक पैदल या दूसरे साधनों से सफर करना पड़ता है।