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Mahendragarh-Narnaul News: क्षमता निर्माण और कौशल संवर्धन पर मंथन
Sat, 10 Feb 2024 10:07 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 10 Feb 2024 10:07 PM IST
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विशेषज्ञों का स्वगत करते कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार--स्रोत-- हकेंवि
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) महेंद्रगढ़ के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने शनिवार को छात्र क्षमता निर्माण और कौशल संवर्धन पर व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा और उद्योग के बीच अंतर को समाप्त करने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने विभाग को विद्यार्थियों के शैक्षणिक अनुभव को बढ़ाने एवं औद्योगिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में जीआर इंफ्रा के उपाध्यक्ष अजय सिंघल, रोडिक कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एचआर डॉ. प्रमोद कुमार विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यशाला में विशेषज्ञ अजय सिंघल ने बुनियादी ढांचे के विकास में अपने व्यापक अनुभव को प्रतिभागियों से साझा किया। जबकि दूसरे विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद मिश्रा ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में मानव संसाधन प्रबंधन पर अंतर्दृष्टि साझा की। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सिविल इंजीनियरिंग सिद्धांतों के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग में व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान की। कार्यशाला के सफल आयोजन में प्रो. विकास गर्ग, डॉ. विकास कुमार और डॉ. शिवानी त्यागी ने कार्यक्रम के समन्वय और सुचारू निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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आयोजकों ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को सार्थक चर्चाओं में शामिल होने, उद्योग विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने और सिविल इंजीनियरिंग में उभरते रुझानों और प्रौद्योगिकियों में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त करने का अवसर मिला। विश्वविद्यालय में कार्यशाला का आयोजन सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा और उद्योग के बीच अंतर को समाप्त करने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने विभाग को विद्यार्थियों के शैक्षणिक अनुभव को बढ़ाने एवं औद्योगिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में जीआर इंफ्रा के उपाध्यक्ष अजय सिंघल, रोडिक कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एचआर डॉ. प्रमोद कुमार विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
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कार्यशाला में विशेषज्ञ अजय सिंघल ने बुनियादी ढांचे के विकास में अपने व्यापक अनुभव को प्रतिभागियों से साझा किया। जबकि दूसरे विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद मिश्रा ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में मानव संसाधन प्रबंधन पर अंतर्दृष्टि साझा की। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सिविल इंजीनियरिंग सिद्धांतों के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग में व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान की। कार्यशाला के सफल आयोजन में प्रो. विकास गर्ग, डॉ. विकास कुमार और डॉ. शिवानी त्यागी ने कार्यक्रम के समन्वय और सुचारू निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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आयोजकों ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को सार्थक चर्चाओं में शामिल होने, उद्योग विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने और सिविल इंजीनियरिंग में उभरते रुझानों और प्रौद्योगिकियों में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त करने का अवसर मिला। विश्वविद्यालय में कार्यशाला का आयोजन सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।