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Mahendragarh-Narnaul News: कोहरे में अंधे मोड़ बन सकते है जानलेवा, नहीं सांकेतिक बोर्ड
Mon, 25 Nov 2024 01:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 25 Nov 2024 01:15 AM IST
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महेंद्रगढ़। क्षेत्र में खतरनाक अंधे मोड़ों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो सड़कों पर सांकेतिक चिह्न लगाए गए हैं और न ही पेड़ों की छंटाई की गई। सर्दियों के मौसम में धुंध पड़ने पर मोड़ दिखाई नहीं देने से हादसे बढ़ने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में विभागों की लापरवाही की वजह से लोगों की जान जा सकती है।
क्षेत्र में 40 से अधिक ऐसे मोड़ हैं जहां पर न तो सांकेतिक चिह्न लगे हैं और न ही पेड़ों की छंटाई की गई। जिससे सांकेतिक चिह्न दिखाई दे सके। यहां ज्यादातर सड़कों पर संकेत नहीं हैं। ऐसी तीव्र मोड़ों पर बड़े हादसे होने की संभावना बनी रहती है। चालक इन अंधे मोड़ों पर अपनी स्पीड कंट्रोल नहीं करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
क्षेत्र के माधोगढ़ घाटी के पास सांकेतिक चिह्न पेड़ों के पीछे छिपे हुए है। लोगों को पता नहीं चलता आगे घाटी पड़ती है। माधोगढ़ की घाटी में आए दिन हादसे होते रहते है। गांव खुडाना से ऊन जाने रास्ते पर खड़ा मोड होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। वहीं शहर में आईटीआई रोड से राव तुलाराम चौक तक बने डिवाइडरों पर सांकेतिक बोर्ड पेड़ों के पीछे छिपे हुए हैं। डिवाइटरों के बीच में जगह-जगह मोड़ हैं। ऐसे में लोगों को पता नहीं चल पाता है।
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वर्जन...
जिन स्थानों पर सांकेतिक बोर्ड नहीं हैं ऐसी जगहों को चिह्नित किया जा रहा है, ताकि यहां पर सांकेतिक बोर्ड लगाया जा सके। जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।-अनिल कुमार, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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क्षेत्र में 40 से अधिक ऐसे मोड़ हैं जहां पर न तो सांकेतिक चिह्न लगे हैं और न ही पेड़ों की छंटाई की गई। जिससे सांकेतिक चिह्न दिखाई दे सके। यहां ज्यादातर सड़कों पर संकेत नहीं हैं। ऐसी तीव्र मोड़ों पर बड़े हादसे होने की संभावना बनी रहती है। चालक इन अंधे मोड़ों पर अपनी स्पीड कंट्रोल नहीं करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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क्षेत्र के माधोगढ़ घाटी के पास सांकेतिक चिह्न पेड़ों के पीछे छिपे हुए है। लोगों को पता नहीं चलता आगे घाटी पड़ती है। माधोगढ़ की घाटी में आए दिन हादसे होते रहते है। गांव खुडाना से ऊन जाने रास्ते पर खड़ा मोड होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। वहीं शहर में आईटीआई रोड से राव तुलाराम चौक तक बने डिवाइडरों पर सांकेतिक बोर्ड पेड़ों के पीछे छिपे हुए हैं। डिवाइटरों के बीच में जगह-जगह मोड़ हैं। ऐसे में लोगों को पता नहीं चल पाता है।
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जिन स्थानों पर सांकेतिक बोर्ड नहीं हैं ऐसी जगहों को चिह्नित किया जा रहा है, ताकि यहां पर सांकेतिक बोर्ड लगाया जा सके। जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।-अनिल कुमार, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग