फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   'Birbal's umbrella' being decorated with three crores

Narnaul: तीन करोड़ से संवार रहे ‘बीरबल का छत्ता’, 380 वर्ष पहले शाहजहां के समय बनाया गया था

Fri, 02 Sep 2022 03:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Fri, 02 Sep 2022 03:14 AM IST
सार

राय बालमुकुंद के छत्ते का जीर्णोद्धार कार्य 20 प्रतिशत पूरा हो गया है। लगभग 3.09 करोड़ रुपये से कार्य हो रहा है। राय बालमुकुंद का छत्ता मुगल शासक शाहजहां के समय बनाया गया था।

विज्ञापन
'Birbal's umbrella' being decorated with three crores
बीरबल का छत्ता की रिपेयरिंग करते कारीगर । संवाद का - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

करीब 380 वर्ष पहले मुगल शासक शाहजहां के समय बने राय बालमुकुंद के छत्ते (बीरबल का छत्ता) का जीर्णोद्धार का कार्य लगभग 20 प्रतिशत हो चुका है। पूरे स्मारक पर चूने का प्लास्टर किया जा रहा है। बाहरी फर्श पर जयपुर के लाल पत्थर लगाए जा रहे हैं। कारीगर पुराना स्वरूप देने का प्रयास कर रहे हैं।

विज्ञापन


लगभग 3.09 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार किए जा रहे छत्ते का कार्य 20 जून 2023 को पूरा होगा। जिले में कई ऐतिहासिक इमारतों पर काम चल रहा है। नारनौल शहर के बीच राय बालमुकुंद दास का छत्ता स्थित है। यह छत्ता बीरबल के छत्ते के नाम से भी जाना जाता है। यह विशाल स्मारक मुगलकालीन शासक शाहजहां के समय (1628-58 ईसवी) नारनौल के दीवान, छत्ता राय बाल मुकुंद दास ने बनवाया था।
विज्ञापन


यह स्मारक नारनौल के मुगल ऐतिहासिक स्मारकों में से सबसे बड़ा है। इमारत के अंदर से पानी की निकासी, फव्वारे की व्यवस्था और भूमिगत मंजिल में प्रकाश और पानी की निकासी देखी जा सकती है। यह पांच मंजिला इमारत है जिसमें कई सभा मंडप, कमरे और खंभे हैं। केंद्रीय आंगन में फर्श और खंभे के लिए संगमरमर का उपयोग समकालीन नारनौल की समृद्धि का संकेत देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरंग से जुड़ा है ऐतिहासिक स्मारक
गर्मी के मौसम के दौरान इसे ठंडा रखने के लिए भूमिगत कक्षों में झरनों का इंतजाम किया गया था। दक्षिण पूर्व के कोने में एक कुआं है जिसमें से पानी का जलाशय में भरा जाता था। इमारत के विशाल बरामदे और सीढ़ियों और छतरियां अद्वितीय नमूने हैं। ऐसा कहा जाता है कि यह स्मारक दिल्ली, जयपुर, महेंद्रगढ़ और लोसी के माध्यम से सुरंग से जुड़ा हुआ है। यहां के नागरिकों के अनुसार बहुत समय पहले एक सुरंग देखने के लिए एक समूह गया था लेकिन यह वापस नहीं आया।


टूरिज्म सर्किट के रूप में उभरेगा महेंद्रगढ़
महेंद्रगढ़ में माधोगढ़ किला, महेंद्रगढ़ किला, नारनौल में तख्त बावली तथा राय बालमुकुंद छत्ते के जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। देश के 100 पर्यटन स्थलों में शामिल जल महल, चोर गुंबज, शाह कुली खां का मकबरा, पीर तुर्कमान की दरगाह ऐतिहासिक स्थल है। आने वाले दो से तीन साल में यह जिला पर्यटन सर्किट के रूप में उभरेगा। इससे इस पिछड़े क्षेत्र में विकास के द्वार खुलेंगे। इसके साथ ही यहां के बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा तथा सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed