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Mahendragarh-Narnaul News: स्टाफ की कमी से जूझ रहा बीएड कॉलेज, कैसे तैयार होंगे भावी शिक्षक

Fri, 22 Nov 2024 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2024 12:18 AM IST
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B.Ed. college is facing shortage of staff, how will the future teachers be prepared
नारनौल। भावी शिक्षकों को तैयार करने वाले राजकीय शिक्षण महाविद्यालय में स्टाफ की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई में समस्या पैदा हो रही है। कॉलेज में इस समस्या को लेकर गंभीरता से इसके लिए प्रयास करने वाला भी कोई नहीं है। क्योंकि बीएड कॉलेज का प्रभार भी राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य पूर्णप्रभा ही देख रेख में है, इसके चलते एक साथ दो कॉलेज की व्यवस्था को संभालने में भी काफी दिक्कत रहती है। बीएड कॉलेज में प्राचार्य या एचओडी की भी नियमित नियुक्ति अति आवश्यक है। हरियाणा प्रदेश में सरकारी बीएड कॉलेज नारनौल व भिवानी जिलों में ही है। इनमें शिक्षा ग्रहण करने के लिए पूरे देश से छात्र आते हैं। नारनौल के बीएड कॉलेज में 200 सीट है, वह भरी हुई है। परंतु इनको पढ़ाने के लिए मात्र दो प्राध्यापक कॉलेज में हैं। जबकि एनसीटीई के नियमानुसार 16 प्राध्यापक होने चाहिए। फिलहाल बीएड कॉलेज में जो दो प्राध्यापिका है, उनमें एक सामाजिक विज्ञान व दूसरी फिजिकल साइंस की है। अब ये दोनों ही सभी छात्रों को जैसे तैसे करके सभी विषय पढ़ा रही है। कॉलेज में छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, बायोलॉजिकल साइंस व फिजिकल साइंस आदि सभी विषयों को पढ़ाने वाले प्राध्यापक चाहिए। जबकि इनमें केवल दो ही विषय के प्राध्यापक होने के कारण बाकी विषय छात्रों को पढ़ाने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीएड कॉलेज में एनसीटीई के नियमानुसार आठ टीचिंग स्टाफ, चार फाउंडेशन कोर्स, एक शारीरिक शिक्षक, एक म्यूजिकल आर्ट, एक फाइन आर्ट और एक नियमित प्राचार्य या एचओडी होने चाहिए। फिलहाल कॉलेज में सामाजिक विज्ञान व फिजिकल साइंस दो प्राध्यापिका नियुक्ति हैं। ऐसे में 200 छात्रों को पढ़ाने के लिए और व्यवस्थाओं को देखने की सभी जिम्मेदारी दो ही प्राध्यापकों के कंधों पर हैं। इसके अलावा बीएड कॉलेज में नान टीचिंग के भी कई पद खाली है, जिनमें दो एलए व एक लाइब्रेरी में स्टोरर काफी आवश्यकता है।
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राजकीय शिक्षण महाविद्यालय में प्राध्यापकों की नियमित नियुक्ति के लिए पहले भी लिखा गया है और फिर से पत्र भेजा जाएगा। छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए अन्य कॉलेजों से डेपुटेशन पर योग्य प्राध्यापकों को भेजने के लिए अनुमति ली जाएगी।
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डाॅ. पूर्णप्रभा, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, नारनौल।
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