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नवाचार और उद्यमिता विकास के लिए रहें तत्पर: प्रो. टंकेश्वर
Tue, 24 Sep 2024 01:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 24 Sep 2024 01:14 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के अंतर्गत स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों के लिए सोमवार को दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहने का नहीं हैं। युवाओं को चाहिए कि वे नवाचार व उद्यमिता विकास के लिए तत्पर रहें। विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव व कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार भी उपस्थित रहे।
प्रो. आनंद शर्मा ने दीक्षारंभ की आवश्यकता और उसके महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नए विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है कि वे विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं व कार्यप्रणाली से अवगत हों और इस दिशा में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण प्रयास है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि अब अध्ययन केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के विकास पर ध्यान देना होगा। विश्वविद्यालय में विभिन्न माध्यम उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से वे अपना सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में एक आइडिया भी महत्वपूर्ण है। नवाचार व उद्यमिता विकास हेतु विद्यार्थियों के प्रयास देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने दीक्षारंभ कार्यक्रम की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए इसके महत्त्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत सदैव समूची धरा को एक परिवार मानता रहा है और उसके विकास के लिए प्रयासरत है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के लिए प्रेरित किया। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. फूल सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। प्रो. राजीव कौशिक ने परीक्षा मूल्यांकन एवं उसके नियमों की जानकारी विद्यार्थियो को दी।
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प्रो. आनंद शर्मा ने दीक्षारंभ की आवश्यकता और उसके महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नए विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है कि वे विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं व कार्यप्रणाली से अवगत हों और इस दिशा में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण प्रयास है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि अब अध्ययन केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के विकास पर ध्यान देना होगा। विश्वविद्यालय में विभिन्न माध्यम उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से वे अपना सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में एक आइडिया भी महत्वपूर्ण है। नवाचार व उद्यमिता विकास हेतु विद्यार्थियों के प्रयास देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने दीक्षारंभ कार्यक्रम की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए इसके महत्त्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत सदैव समूची धरा को एक परिवार मानता रहा है और उसके विकास के लिए प्रयासरत है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के लिए प्रेरित किया। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. फूल सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। प्रो. राजीव कौशिक ने परीक्षा मूल्यांकन एवं उसके नियमों की जानकारी विद्यार्थियो को दी।
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