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Mahendragarh-Narnaul News: कोरियावास मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 494 में से सिर्फ 68 पदों पर डॉक्टर तैनात, 426 पद रिक्त
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फोटो नंबर- 11गांव कोरियावास स्थित मेडिकल कॉलेज।
नारनौल। दूर गांव से इलाज की उम्मीद लेकर कोरियावास मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों को अक्सर खाली हाथ लौटना पड़ता है। डॉक्टर नहीं मिलते, जांच नहीं होती, तो कभी दवा नहीं मिलती। डेढ़ साल पहले शुरू हुई ओपीडी में स्वीकृत पदों के महज 13 प्रतिशत पदों पर डॉक्टर तैनात हैं।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के कुल 494 पद स्वीकृत हैं लेकिन अब तक केवल 68 पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है। प्रबंधन के लिए अहम लेडी मेडिकल ऑफिसर का पद भी खाली है। यही वजह है कि डेढ़ साल से चल रही ओपीडी में रोज औसतन करीब 100 मरीज ही पहुंच रहे हैं। बेहतर इलाज का वादा आज भी अधूरा है और मरीजों की जेब पर निजी अस्पतालों का बोझ बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने पीएम को किया था वादा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को जींद से वर्चुअल माध्यम से कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन राजकीय मेडिकल कॉलेज और राव तुलाराम अस्पताल का विधिवत उद्घाटन किया था। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने भी जल्द चिकित्सकों की नियुक्ति और अन्य सुविधाएं शुरू करने की बात कही थी लेकिन ढाई माह बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं और लोगों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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रिक्त पदों पर एक नजर
पद
स्वीकृत
कार्यरत
रिक्त
प्रोफेसर, एसोसिएट, असिस्टेंट
220
40
180
डायरेक्टर प्रोफेसर
110
00
110
सीनियर रेजिडेंट
80
25
55
जूनियर रेजिडेंट
80
00
80
डीएमएस
02
01
01
एमएस
01
01
00
एलएमओ 01
00
01
डायरेक्टर
01
01
00
कुल
494
68
426
नोट : वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 20 चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर, 20 संविदा पर और 20 प्रशिक्षु के तौर पर भी कार्यरत हैं।
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कुछ दिन पहले त्वचा की समस्या के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गया था लेकिन त्वचा रोग चिकित्सक न होने से निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। इसमें 2500 रुपये खर्च हो गए। उद्घाटन के बाद बेहतर इलाज की उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई।-राहुल यादव, गांव धौलेड़ा
......................
पैर के दर्द की दवा मेडिकल कॉलेज में नहीं मिली, बाहर से खरीदनी पड़ी। डॉक्टरों की नियुक्ति और जांच सुविधाएं जल्द शुरू होनी चाहिए, ताकि जिले के साथ अन्य जिलों और राजस्थान के लोगों को भी बेहतर सुविधा मिल सके।-अशोक यादव, गांव सिलारपुर
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वर्जन :
मेडिकल कॉलेज में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। रिक्त पदों की सूची वाइस चांसलर को भेजी गई है। उम्मीद है जल्द रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। -डॉ. बृजेंद्र सिंह ढिल्लों, महर्षि च्यवन राजकीय मेडिकल कॉलेज, नारनौल।
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मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के कुल 494 पद स्वीकृत हैं लेकिन अब तक केवल 68 पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है। प्रबंधन के लिए अहम लेडी मेडिकल ऑफिसर का पद भी खाली है। यही वजह है कि डेढ़ साल से चल रही ओपीडी में रोज औसतन करीब 100 मरीज ही पहुंच रहे हैं। बेहतर इलाज का वादा आज भी अधूरा है और मरीजों की जेब पर निजी अस्पतालों का बोझ बढ़ रहा है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने पीएम को किया था वादा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को जींद से वर्चुअल माध्यम से कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन राजकीय मेडिकल कॉलेज और राव तुलाराम अस्पताल का विधिवत उद्घाटन किया था। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने भी जल्द चिकित्सकों की नियुक्ति और अन्य सुविधाएं शुरू करने की बात कही थी लेकिन ढाई माह बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं और लोगों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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रिक्त पदों पर एक नजर
पद
स्वीकृत
कार्यरत
रिक्त
प्रोफेसर, एसोसिएट, असिस्टेंट
220
40
180
डायरेक्टर प्रोफेसर
110
00
110
सीनियर रेजिडेंट
80
25
55
जूनियर रेजिडेंट
80
00
80
डीएमएस
02
01
01
एमएस
01
01
00
एलएमओ 01
00
01
डायरेक्टर
01
01
00
कुल
494
68
426
नोट : वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 20 चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर, 20 संविदा पर और 20 प्रशिक्षु के तौर पर भी कार्यरत हैं।
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कुछ दिन पहले त्वचा की समस्या के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गया था लेकिन त्वचा रोग चिकित्सक न होने से निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। इसमें 2500 रुपये खर्च हो गए। उद्घाटन के बाद बेहतर इलाज की उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई।-राहुल यादव, गांव धौलेड़ा
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पैर के दर्द की दवा मेडिकल कॉलेज में नहीं मिली, बाहर से खरीदनी पड़ी। डॉक्टरों की नियुक्ति और जांच सुविधाएं जल्द शुरू होनी चाहिए, ताकि जिले के साथ अन्य जिलों और राजस्थान के लोगों को भी बेहतर सुविधा मिल सके।-अशोक यादव, गांव सिलारपुर
वर्जन :
मेडिकल कॉलेज में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। रिक्त पदों की सूची वाइस चांसलर को भेजी गई है। उम्मीद है जल्द रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। -डॉ. बृजेंद्र सिंह ढिल्लों, महर्षि च्यवन राजकीय मेडिकल कॉलेज, नारनौल।