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Mahendragarh-Narnaul News: छेड़छाड़ मामले में आरोपी दोषी करार, 25 हजार मुआवजे का आदेश
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नारनौल। स्थानीय अदालत ने वर्ष 2017 के छेड़छाड़ मामले में आरोपी प्रेम को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी की अदालत ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को आंशिक रूप से पलट दिया। हालांकि, घर में घुसकर हमला करने के आरोप से बरी करने का फैसला बरकरार रखा गया है।
मामले के अनुसार, 23 अगस्त 2017 को पीड़िता ने सदर थाने में शिकायत दी थी कि आरोपी पानी पीने के बहाने उसके घर आया और रसोई में उसका पीछा कर जबरदस्ती व हाथापाई की। निचली अदालत ने 16 मार्च 2019 को सबूतों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया था। इसके बाद पीड़िता ने फैसले के खिलाफ अपील दायर की।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद पीड़िता के बयान को मुख्य रूप से सुसंगत और विश्वसनीय माना।
सजा के मामले में अदालत ने आरोपी को जेल भेजने के बजाय प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट, 1958 की धारा 4 के तहत एक साल तक अच्छे आचरण की शर्त पर मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही, पीड़िता को 25 हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी दिए।
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मामले के अनुसार, 23 अगस्त 2017 को पीड़िता ने सदर थाने में शिकायत दी थी कि आरोपी पानी पीने के बहाने उसके घर आया और रसोई में उसका पीछा कर जबरदस्ती व हाथापाई की। निचली अदालत ने 16 मार्च 2019 को सबूतों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया था। इसके बाद पीड़िता ने फैसले के खिलाफ अपील दायर की।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद पीड़िता के बयान को मुख्य रूप से सुसंगत और विश्वसनीय माना।
सजा के मामले में अदालत ने आरोपी को जेल भेजने के बजाय प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट, 1958 की धारा 4 के तहत एक साल तक अच्छे आचरण की शर्त पर मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही, पीड़िता को 25 हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी दिए।
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