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Mahendragarh-Narnaul News: आयुर्वेदिक कॉलेज में एक तरफ मेडिकल की पढ़ाई तो दूसरी तरफ किराये की लड़ाई
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फोटो नंबर- 13घर में बने कमरे, जो पड़ताल के दौरान पीजी के तौर पर दिखाए गए। संवाद
नारनौल। गांव पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले करीब 250 छात्र-छात्राएं हॉस्टल की सुविधा नहीं है। कॉलेज वर्ष 2022 में शुरू हुआ था लेकिन अब तक कॉलेज का हॉस्टल तैयार नहीं हो सका है। ऐसे में छात्रों को हर महीने करीब 10 हजार रुपये या इससे अधिक किराया देकर निजी पीजी और हॉस्टलों में रहना पड़ रहा है।
मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह खर्च पढ़ाई के साथ एक बड़ी चिंता बन गया है। छात्रों का कहना है कि पूरे कोर्स के दौरान केवल रहने और खाने पर करीब 5 से 6 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कॉलेज के आसपास कई मकानों में पीजी चल रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि इनमें से अधिकतर जगहों पर जरूरी मानकों और सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता। पड़ताल के दौरान कॉलेज के पास केवल एक छात्रावास सही स्थिति में मिला, जबकि आसपास कई घरों में पीजी चलते मिले।
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छात्रों के मुताबिक निजी पीजी संचालक किराये को लेकर भी दबाव बनाते हैं। कई बार किराये को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो चुकी है। रहने की उचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ इन परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह खर्च पढ़ाई के साथ एक बड़ी चिंता बन गया है। छात्रों का कहना है कि पूरे कोर्स के दौरान केवल रहने और खाने पर करीब 5 से 6 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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कॉलेज के आसपास कई मकानों में पीजी चल रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि इनमें से अधिकतर जगहों पर जरूरी मानकों और सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता। पड़ताल के दौरान कॉलेज के पास केवल एक छात्रावास सही स्थिति में मिला, जबकि आसपास कई घरों में पीजी चलते मिले।
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छात्रों के मुताबिक निजी पीजी संचालक किराये को लेकर भी दबाव बनाते हैं। कई बार किराये को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो चुकी है। रहने की उचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ इन परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। संवाद