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Mahendragarh-Narnaul News: रामलीला में हुआ अशोक वाटिका लीला का मंचन
Wed, 09 Oct 2024 02:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 09 Oct 2024 02:06 AM IST
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नारनौल। अनाजमंडी स्थित श्रीकृष्णा ड्रामेटिक क्लब के रंगमंच पर भगवान नारायण सेवा संस्था की ओर से आयोजित रामलीला में मंगलवार को रात सुग्रीव मित्रता, बाली वध, अशोक वाटिका व लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।
मंचन के दौरान वन में सीता की खोज करते हुए भगवान राम का मिलाप हनुमानजी से होता है। इसके बाद हनुमानजी राम को वानरराज सुग्रीव के पास लेकर जाते हैं, जहां दोनाें की मित्रता होती है। इसके बाद भगवान राम सुग्रीव के भाई बाली का वध करते हैं। हनुमानजी को सीता की खोज में लंका भेजा जाता है। अशोक वाटिका में हनुमानजी सीता जी को भगवान राम की निशानी दिखाकर भरोसा दिलाते हैं कि भगवान राम जल्द ही आकर उन्हें अपने साथ ले जाएंगे। वह अपनी भूख शांत करने के लिए अशोक वाटिका में फल खाते हैं और रावण की अशोक वाटिका उजाड़ देते हैं। यहां इंद्रजीत उन्हें ब्रह्म अस्त्र में बांध कर रावण के दरबार में लेकर जाता है, जहां उनकी पूछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमानजी सारी लंका में आग लेगा देते हैं।
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मंचन के दौरान वन में सीता की खोज करते हुए भगवान राम का मिलाप हनुमानजी से होता है। इसके बाद हनुमानजी राम को वानरराज सुग्रीव के पास लेकर जाते हैं, जहां दोनाें की मित्रता होती है। इसके बाद भगवान राम सुग्रीव के भाई बाली का वध करते हैं। हनुमानजी को सीता की खोज में लंका भेजा जाता है। अशोक वाटिका में हनुमानजी सीता जी को भगवान राम की निशानी दिखाकर भरोसा दिलाते हैं कि भगवान राम जल्द ही आकर उन्हें अपने साथ ले जाएंगे। वह अपनी भूख शांत करने के लिए अशोक वाटिका में फल खाते हैं और रावण की अशोक वाटिका उजाड़ देते हैं। यहां इंद्रजीत उन्हें ब्रह्म अस्त्र में बांध कर रावण के दरबार में लेकर जाता है, जहां उनकी पूछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमानजी सारी लंका में आग लेगा देते हैं।
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