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Mahendragarh-Narnaul News: लंका जली पर भक्ति की लौ हुई और तेज, महेंद्रगढ़-कनीना में गूंजा जय श्रीराम
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फोटो संख्या:61- श्री रामलीला परिषद के रंगमंच पर अशोक वाटिका में सीता- रावण संवाद का मंचन करते
महेंद्रगढ़/कनीना। इन दिनों क्षेत्र की रामलीलाओं में भक्ति का माहौल है। महेंद्रगढ़ और कनीना के अलग-अलग मंचों पर लंका दहन और सीता हरण की लीलाओं का मंचन हुआ जिन्हें देखने भारी संख्या में लोग पहुंचे
महेंद्रगढ़ की श्री हनुमान रामलीला में हनुमान जी के माता सीता की खोज में लंका पहुंचने का दृश्य दिखाया गया। लंका में उनकी भेंट विभीषण से हुई और उनसे उन्होंने सीता का पता पूछा। अशोक वाटिका में हनुमान पेड़ के पीछे छिपकर रावण की बातें सुनते रहे।
बाद में उन्होंने माता सीता को श्रीराम का संदेश और निशानी सौंपी। फल खाने के बहाने उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ दी। रावण के आदेश पर मेघनाद उन्हें बंदी बनाकर दरबार में ले गया। वहां उनकी पूंछ में आग लगाई गई लेकिन हनुमान ने उसी आग से पूरी लंका जला दी।
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रामलीला के प्रधान राजेश सैनी ने बताया कि राम की भूमिका में रेविन गोरा, लक्ष्मण में प्रथम भारद्वाज, रावण में होशियार सिंह सैनी, सीता में जितेंद्र वर्मा और हनुमान में कमल सैनी रहे।
विभीषण की भूमिका रामौतार खन्ना, अंगद की दीपेंद्र वर्मा, मेघनाद की संजय बाछोदिया और अक्षय कुमार की राहुल ने निभाई। अप्सरा नृत्य में निशु डांसर ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर भूपसिंह सोनी, निदेशक मोनू सैन सहित कई लोग मौजूद रहे।
महेंद्रगढ़ के श्री रामलीला परिषद के मंच पर आठवें दिन सीता हरण की मार्मिक लीला हुई। शुरुआत पंचवटी में राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास से हुई। इसके बाद सूर्पनखा प्रसंग और खर-दूषण वध दिखाया गया।
मारीच के स्वर्ण मृग बनकर आने और छल से सीता हरण के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। जटायु ने धर्म की रक्षा के लिए रावण से वीरता से युद्ध किया और प्राण त्याग दिए, जिससे लोगों की आंखें नम हो गईं।
राम की भूमिका में भारद्वाज, लक्ष्मण में विनय भारद्वाज, सीता में राजवन सैनी, रावण में होशियार सैनी, मारीच में सज्जन और जटायु में विक्की प्रजापति ने जीवंत अभिनय किया। खर बने चिराग शर्मा, दूषण अरुण खोरीवाल, अत्रि मुनि राहुल गर्ग, अगस्त्य मुनि आवारा तथा सूर्पनखा बने प्रदीप सेन भी सराहे गए। शबरी की भूमिका में दलीप गोस्वामी ने सबका दिल जीता।
कनीना श्री आदर्श रामलीला कमेटी में 13 दिन की लीलाओं के दसवें दिन सुग्रीव-बाली युद्ध और लंका दहन का मंचन हुआ। मुख्य अतिथि मनीष यादव और बाबा मोलड़नाथ मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश यादव रहे। श्रीराम ने सुग्रीव को न्याय दिलाने का वचन निभाते हुए बाली का वध किया। हनुमान बने मन्नू मित्तल, रावण कृष्ण पहलवान, राम शिवकुमार शर्मा और सीता मुकेश कपूर ने अपनी भूमिकाओं से प्रभावित किया।
महेंद्रगढ़ की श्री आदर्श रामलीला कमेटी में भी लंका दहन की लीला हुई। मुख्य अतिथि पूर्व जिला पार्षद राकेश गौतम बुडीन ने लोगों को रामायण से प्रेरणा लेकर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। अध्यक्षता सिंटू यादव ने की जबकि सरपंच दीपिका यादव और प्रवीण यादव विशिष्ट अतिथि रहे।
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महेंद्रगढ़ की श्री हनुमान रामलीला में हनुमान जी के माता सीता की खोज में लंका पहुंचने का दृश्य दिखाया गया। लंका में उनकी भेंट विभीषण से हुई और उनसे उन्होंने सीता का पता पूछा। अशोक वाटिका में हनुमान पेड़ के पीछे छिपकर रावण की बातें सुनते रहे।
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बाद में उन्होंने माता सीता को श्रीराम का संदेश और निशानी सौंपी। फल खाने के बहाने उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ दी। रावण के आदेश पर मेघनाद उन्हें बंदी बनाकर दरबार में ले गया। वहां उनकी पूंछ में आग लगाई गई लेकिन हनुमान ने उसी आग से पूरी लंका जला दी।
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रामलीला के प्रधान राजेश सैनी ने बताया कि राम की भूमिका में रेविन गोरा, लक्ष्मण में प्रथम भारद्वाज, रावण में होशियार सिंह सैनी, सीता में जितेंद्र वर्मा और हनुमान में कमल सैनी रहे।
विभीषण की भूमिका रामौतार खन्ना, अंगद की दीपेंद्र वर्मा, मेघनाद की संजय बाछोदिया और अक्षय कुमार की राहुल ने निभाई। अप्सरा नृत्य में निशु डांसर ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर भूपसिंह सोनी, निदेशक मोनू सैन सहित कई लोग मौजूद रहे।
महेंद्रगढ़ के श्री रामलीला परिषद के मंच पर आठवें दिन सीता हरण की मार्मिक लीला हुई। शुरुआत पंचवटी में राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास से हुई। इसके बाद सूर्पनखा प्रसंग और खर-दूषण वध दिखाया गया।
मारीच के स्वर्ण मृग बनकर आने और छल से सीता हरण के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। जटायु ने धर्म की रक्षा के लिए रावण से वीरता से युद्ध किया और प्राण त्याग दिए, जिससे लोगों की आंखें नम हो गईं।
राम की भूमिका में भारद्वाज, लक्ष्मण में विनय भारद्वाज, सीता में राजवन सैनी, रावण में होशियार सैनी, मारीच में सज्जन और जटायु में विक्की प्रजापति ने जीवंत अभिनय किया। खर बने चिराग शर्मा, दूषण अरुण खोरीवाल, अत्रि मुनि राहुल गर्ग, अगस्त्य मुनि आवारा तथा सूर्पनखा बने प्रदीप सेन भी सराहे गए। शबरी की भूमिका में दलीप गोस्वामी ने सबका दिल जीता।
कनीना श्री आदर्श रामलीला कमेटी में 13 दिन की लीलाओं के दसवें दिन सुग्रीव-बाली युद्ध और लंका दहन का मंचन हुआ। मुख्य अतिथि मनीष यादव और बाबा मोलड़नाथ मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश यादव रहे। श्रीराम ने सुग्रीव को न्याय दिलाने का वचन निभाते हुए बाली का वध किया। हनुमान बने मन्नू मित्तल, रावण कृष्ण पहलवान, राम शिवकुमार शर्मा और सीता मुकेश कपूर ने अपनी भूमिकाओं से प्रभावित किया।
महेंद्रगढ़ की श्री आदर्श रामलीला कमेटी में भी लंका दहन की लीला हुई। मुख्य अतिथि पूर्व जिला पार्षद राकेश गौतम बुडीन ने लोगों को रामायण से प्रेरणा लेकर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। अध्यक्षता सिंटू यादव ने की जबकि सरपंच दीपिका यादव और प्रवीण यादव विशिष्ट अतिथि रहे।

फोटो संख्या:61- श्री रामलीला परिषद के रंगमंच पर अशोक वाटिका में सीता- रावण संवाद का मंचन करते

फोटो संख्या:61- श्री रामलीला परिषद के रंगमंच पर अशोक वाटिका में सीता- रावण संवाद का मंचन करते