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कला मन की कोमल भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति : सतीश
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फोटो 15 बच्चों को पेंटिंग की बारीकियों के बारे में बताते सतीश। संस्थ
मंडी अटेली। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाछौद में जीवन कौशल विकास शिविर के तीसरे दिन बच्चों ने कला, डाकघर की बचत योजनाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों के बारे में सीखा। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अवॉर्डी आर्टिस्ट सतीश राजोतिया ने कहा कि कला मन की कोमल भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति है।
उन्होंने बताया कि कला को विकसित करने के लिए हमें नियमित अभ्यास और अपने आसपास की चीजों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।राजोतिया ने बच्चों को रंग और तूलिका से कैनवस पर चित्र बनाने की तकनीक सिखाई, ताकि वे अपनी कल्पना को मूर्त रूप दे सकें।
मेडिकल ऑफिसर डॉ. स्नेहा तायल ने छात्राओं से स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की और सेवानिवृत डाक निदेशक संपत राम ने डाकघर की कार्य प्रणाली और बचत योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता योगेश चौहान, ताराचंद, राधेश्याम, सुमन गोयल, सुनीता, ममता, सेवानिवृत कृषि अधिकारी बृजलाल मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि कला को विकसित करने के लिए हमें नियमित अभ्यास और अपने आसपास की चीजों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।राजोतिया ने बच्चों को रंग और तूलिका से कैनवस पर चित्र बनाने की तकनीक सिखाई, ताकि वे अपनी कल्पना को मूर्त रूप दे सकें।
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मेडिकल ऑफिसर डॉ. स्नेहा तायल ने छात्राओं से स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की और सेवानिवृत डाक निदेशक संपत राम ने डाकघर की कार्य प्रणाली और बचत योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता योगेश चौहान, ताराचंद, राधेश्याम, सुमन गोयल, सुनीता, ममता, सेवानिवृत कृषि अधिकारी बृजलाल मौजूद रहे।
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