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Mahendragarh-Narnaul News: सर्दी की दस्तक से महेंद्रगढ़ के बाजार में लौटी रूई की रौनक
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फोटो संख्या:-54 परशुराम चौक दुकान पर रजाई खरीदता हुआग्राहक। संवाद
महेंद्रगढ़। मौसम में ठंडक बढ़ते ही महेंद्रगढ़ में रूई का कारोबार जोर पकड़ने लगा है। सर्दियों की तैयारी में लोग रजाई और गद्दे बनवाने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। इससे रूई व्यापारियों और भराई करने वाले कारीगरों के पास काम बढ़ गया है।
शहर में करीब 10 स्थाई दुकानें हैं। इनके अलावा 10 से ज्यादा अस्थायी स्टॉलों पर भी रूई बिक रही है। ग्राहकों की भीड़ देखकर व्यापारी खुश हैं और आने वाले दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
दुकानदार महाबीर प्रसाद शर्मा के अनुसार ठंड शुरू होते ही रूई की मांग बढ़ जाती है। लोग पुरानी रजाइयों और गद्दों में नई रूई भरवाते हैं, तो कई नई रजाइयां भी बनवाते हैं। कई परिवार सर्दी आने से पहले ही यह काम निपटा लेते हैं।
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बाजार में रूई की तीन वैरायटी उपलब्ध हैं। गुणवत्ता और किस्म के हिसाब से इनके दाम अलग-अलग हैं। फिलहाल रूई 120 रुपये से 300 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। कुछ लोग हल्की रजाई के लिए सस्ती रूई लेते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गर्माहट के लिए महंगी वैरायटी चुनते हैं।
महाबीर शर्मा ने बताया कि देशी रूई की रजाई लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। देशी रूई की 2.50 किलो की रजाई 650 रुपये में और 3 से 4 किलो की रजाई 750 से 800 रुपये में बिक रही है। लोग घरों में रखी पुरानी रजाइयां खुलवाकर उनमें नई रूई डलवा रहे हैं।
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शहर में करीब 10 स्थाई दुकानें हैं। इनके अलावा 10 से ज्यादा अस्थायी स्टॉलों पर भी रूई बिक रही है। ग्राहकों की भीड़ देखकर व्यापारी खुश हैं और आने वाले दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
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दुकानदार महाबीर प्रसाद शर्मा के अनुसार ठंड शुरू होते ही रूई की मांग बढ़ जाती है। लोग पुरानी रजाइयों और गद्दों में नई रूई भरवाते हैं, तो कई नई रजाइयां भी बनवाते हैं। कई परिवार सर्दी आने से पहले ही यह काम निपटा लेते हैं।
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बाजार में रूई की तीन वैरायटी उपलब्ध हैं। गुणवत्ता और किस्म के हिसाब से इनके दाम अलग-अलग हैं। फिलहाल रूई 120 रुपये से 300 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। कुछ लोग हल्की रजाई के लिए सस्ती रूई लेते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गर्माहट के लिए महंगी वैरायटी चुनते हैं।
महाबीर शर्मा ने बताया कि देशी रूई की रजाई लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। देशी रूई की 2.50 किलो की रजाई 650 रुपये में और 3 से 4 किलो की रजाई 750 से 800 रुपये में बिक रही है। लोग घरों में रखी पुरानी रजाइयां खुलवाकर उनमें नई रूई डलवा रहे हैं।