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Mahendragarh-Narnaul News: मकर संक्रांति पर्व पर किया अन्नकूट प्रसाद वितरित
Tue, 14 Jan 2025 05:05 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 14 Jan 2025 05:05 PM IST
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फोटो नंबर- 03अन्नकूट का प्रसाद वितरित करते समिति सदस्य। स्रोत-संस्था
नारनौल।
श्री बांके बिहारी सेवा समिति व श्री रामधुन प्रभातफेरी की ओर से मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सुभाष चंद्र बोस पार्क के बाहर अन्नकूट प्रसाद वितरित किया गया। संस्था के संरक्षक शिवकुमार मित्तल ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से सूर्य देव की उपासना की जाती है, क्योंकि इससे जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। सूर्य की किरणें इस दिन विशेष रूप से प्रखर होती है। उनकी उपासना से आरोग्य जीवन की प्राप्ति होती है। संस्थापक अविनाश अग्रवाल ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। यह पर्व समरसता और सामाजिक मेलजोल का प्रतीक है। मकर संक्रांति अपनी आध्यात्मिक और सामाजिक महत्ता के कारण हमेशा से ही भारतीय जनमानस के ह्रदय में विशेष स्थान रखती आई है। समिति प्रवक्ता सुरेन्द्र जैन ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन से ही दान पुण्य का दौर जारी है। इस दिन दान पुण्य का अत्यधिक महत्व होता है। ऐसे में सड़क पर घूमने वाले गोवंश व गोशाला में जाकर गायों को चारा और गुड़ खिलाया। इसके अलावा मंदिरों में दान पुण्य का दौर देखने को मिला। इस अवसर पर प्रधान सुनीता गर्ग ने कार्यकारिणी सदस्य का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर सुनीता अग्रवाल, संजू अग्रवाल, योगेन्द्र वर्मा, अंकुर शर्मा, नवीन जैन, राजेंद्र सैनी, दीपांशु गर्ग, मुरारी शर्मा, वंश अग्रवाल, आशु अग्रवाल, राधा रानी, कविता अग्रवाल, किट्टू गर्ग, रेखा गर्ग आदि मौजूद थे।
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श्री बांके बिहारी सेवा समिति व श्री रामधुन प्रभातफेरी की ओर से मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सुभाष चंद्र बोस पार्क के बाहर अन्नकूट प्रसाद वितरित किया गया। संस्था के संरक्षक शिवकुमार मित्तल ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से सूर्य देव की उपासना की जाती है, क्योंकि इससे जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। सूर्य की किरणें इस दिन विशेष रूप से प्रखर होती है। उनकी उपासना से आरोग्य जीवन की प्राप्ति होती है। संस्थापक अविनाश अग्रवाल ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। यह पर्व समरसता और सामाजिक मेलजोल का प्रतीक है। मकर संक्रांति अपनी आध्यात्मिक और सामाजिक महत्ता के कारण हमेशा से ही भारतीय जनमानस के ह्रदय में विशेष स्थान रखती आई है। समिति प्रवक्ता सुरेन्द्र जैन ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन से ही दान पुण्य का दौर जारी है। इस दिन दान पुण्य का अत्यधिक महत्व होता है। ऐसे में सड़क पर घूमने वाले गोवंश व गोशाला में जाकर गायों को चारा और गुड़ खिलाया। इसके अलावा मंदिरों में दान पुण्य का दौर देखने को मिला। इस अवसर पर प्रधान सुनीता गर्ग ने कार्यकारिणी सदस्य का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर सुनीता अग्रवाल, संजू अग्रवाल, योगेन्द्र वर्मा, अंकुर शर्मा, नवीन जैन, राजेंद्र सैनी, दीपांशु गर्ग, मुरारी शर्मा, वंश अग्रवाल, आशु अग्रवाल, राधा रानी, कविता अग्रवाल, किट्टू गर्ग, रेखा गर्ग आदि मौजूद थे।