{"_id":"697b9dcb306b07895a062372","slug":"animal-husbandry-is-a-powerful-medium-for-women-empowerment-sp-narnol-news-c-203-1-sroh1011-123647-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशुपालन महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम : एसपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशुपालन महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम : एसपी
विज्ञापन
फोटो संख्या:76- रिवासा में स्थित हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र में पशुपालकों को सम्मानित करती
महेंद्रगढ़। लाला लाजपत राय पशु-चिकित्सा एवं पशु-विज्ञान विश्वविद्यालय के गांव रिवासा स्थित पशु विज्ञान केंद्र की ओर से पशु ज्ञान दिवस पर गांव पाली में महिला पशुपालकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ मुख्य अतिथि रही। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि पशुपालन न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का सबसे सशक्त माध्यम भी है।
इस दौरान उन्होंने महिलाओं को डायल 112 ट्रिप मॉनिटरिंग सेवा की भी जानकारी दी। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आनंद कुमार पांडेय की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र सिंह व डॉ. ज्योति शूंठवाल की ओर से किया गया।
विज्ञापन
डॉ. मधु सुदन गुरे पशु चिकित्सक हुडिना ने डेयरी क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या थनेला रोग पर विस्तृत चर्चा की। वैज्ञानिक डॉ. ज्योति शूंठवाल ने सर्दियों में पशुओं के विशेष रखरखाव पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं के आहार में सामान्य से 15-20 प्रतिशत अधिक अनाज व 2-3 प्रतिशत वसा शामिल करें।
विज्ञापन
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ मुख्य अतिथि रही। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि पशुपालन न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का सबसे सशक्त माध्यम भी है।
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने महिलाओं को डायल 112 ट्रिप मॉनिटरिंग सेवा की भी जानकारी दी। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आनंद कुमार पांडेय की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र सिंह व डॉ. ज्योति शूंठवाल की ओर से किया गया।
विज्ञापन
डॉ. मधु सुदन गुरे पशु चिकित्सक हुडिना ने डेयरी क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या थनेला रोग पर विस्तृत चर्चा की। वैज्ञानिक डॉ. ज्योति शूंठवाल ने सर्दियों में पशुओं के विशेष रखरखाव पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं के आहार में सामान्य से 15-20 प्रतिशत अधिक अनाज व 2-3 प्रतिशत वसा शामिल करें।