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खरीद में भेदभाव का आरोप लगा मंडी गेट पर जड़ा ताला
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कनीना अनाज मंडी में किसानों को समझाते एसडीएम सुरेंद्र सिंह---संवाद
- फोटो : Narnol
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कनीना। कनीना में किसानों ने खरीद एजेंसी के कर्मचारियों पर खरीद में भेदभाव का आरोप लगाते हुए मंडी के गेट को ताला जड़ दिया। गेट पर तालेबंदी की सूचना के बाद उपमंडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर किसानों को आश्वासन देकर ताला खुलवाया। किसान रणबीर, सुभाष शर्मा, श्रीभगवान व प्रदीप सहित अन्य किसानों ने बताया कि किसान सुबह से ही किराए पर वाहन लेकर उसमेें उपज रख मंडी में लाए हैं लेकिन मार्केट कमेटी व हैफेड के कर्मचारी बाजरे की गुणवत्ता सही नहीं बताते हुए लेने से मना कर रहे हैं।
शहर थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रह्मजीत अपनी टीम के साथ पहुंचे लेकिन किसानों ने गेट नहीं खोला। उसके बाद तहसीलदार नवजीत कौर व एसडीएम सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने खरीद एजेंसी के उच्च अधिकारियों से फोन पर बात करके किसानों को आश्वासन दिया कि सभी का बाजरा सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खरीदा जाएगा उसके बाद गेट खोला गया।
हैफेड प्रबंधक नीरज ने बताया कि बारिश के कारण खराब हुआ बाजरा सरकार की गाइडलाइन में नहीं है। किसानों का यहां से कोई शेड्यूल जारी नहीं होता है। चंडीगढ़ से ही यह तय होता है। तय मापदंडों के अनुसार ही बाजरे की खरीद की जाएगी। गेट पर उसका टोकन काटा जाता है जिसके ढेरी की जांच करके खरीद की जाती है। हैफेड द्वारा 1930 रुपये में बाजरे की खरीद की जा रही है बाकी के बचे हुए रुपये भावांतर योजना के तहत किसानों को मिलेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार तकरीबन 400 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है।
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शहर थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रह्मजीत अपनी टीम के साथ पहुंचे लेकिन किसानों ने गेट नहीं खोला। उसके बाद तहसीलदार नवजीत कौर व एसडीएम सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने खरीद एजेंसी के उच्च अधिकारियों से फोन पर बात करके किसानों को आश्वासन दिया कि सभी का बाजरा सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खरीदा जाएगा उसके बाद गेट खोला गया।
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हैफेड प्रबंधक नीरज ने बताया कि बारिश के कारण खराब हुआ बाजरा सरकार की गाइडलाइन में नहीं है। किसानों का यहां से कोई शेड्यूल जारी नहीं होता है। चंडीगढ़ से ही यह तय होता है। तय मापदंडों के अनुसार ही बाजरे की खरीद की जाएगी। गेट पर उसका टोकन काटा जाता है जिसके ढेरी की जांच करके खरीद की जाती है। हैफेड द्वारा 1930 रुपये में बाजरे की खरीद की जा रही है बाकी के बचे हुए रुपये भावांतर योजना के तहत किसानों को मिलेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार तकरीबन 400 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है।
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