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Mahendragarh-Narnaul News: शांतिकुंज आश्रम को खाली करा पंचायत को सौंपी चाबी
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फोटो संख्या:92- गांव मोडी में शांतिकुंज अनाथ आश्रम के बाहर तैनात पुलिस कर्मी--संवाद
कनीना। विवादों में चल रहे गांव मोड़ी में संचालित शांतिकुंज अनाथ बेसहारा आश्रम को भारी पुलिस बल की उपस्थिति में खाली करा ग्राम पंचायत के हवाले कर दिया है।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नवदीप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत मोड़ी ने इस भूमि को खाली करवाने को लेकर प्रस्ताव दिया था। पंचायत भूमि पर सत्य भारती स्कूल के भवन में अवैध रूप से आश्रम चलाया जा रहा था।
इसको लेकर संचालक से कई बार संपर्क किया, लेकिन इस भूमि को लेकर उनके पास कोई भी कानूनी दस्तावेज साबित नहीं कर पाए, जिससे उनकी वैधता साबित हो सके।
आश्रम संचालक को काफी बार समय दिया गया, लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाया। पिछले दो दिनों में यहां पर रह रहे वृद्ध व बेसहारा लोगों को संचालक ने अपने स्तर पर किसी अन्य स्थानों पर भेज दिया था।
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बुधवार को बिस्तर, कपड़े व अन्य छोटा-मोटा समान यहां से खाली करवा कर सामने ही आश्रम संचालक के घर पर भेज दिया गया है। ताला लगाकर इसकी चाबी सरपंच ग्राम पंचायत मोड़ी को सौंप दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आश्रम संचालक से हमने तीन से चार बार लिखित में पहले भी पूछा है कि लिखित में दो कितने लोग यहां रह रहे हैं, कहां से मिले हैं।
आश्रम संचालक ने हमें आज तक यह नहीं बताया कि इस आश्रम में कितने लोग रह रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर शांतिकुंज बेसहारा आश्रम के संचालक पवन कुमार का कहना है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में यह कदम उठाया।
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नवदीप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत मोड़ी ने इस भूमि को खाली करवाने को लेकर प्रस्ताव दिया था। पंचायत भूमि पर सत्य भारती स्कूल के भवन में अवैध रूप से आश्रम चलाया जा रहा था।
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इसको लेकर संचालक से कई बार संपर्क किया, लेकिन इस भूमि को लेकर उनके पास कोई भी कानूनी दस्तावेज साबित नहीं कर पाए, जिससे उनकी वैधता साबित हो सके।
आश्रम संचालक को काफी बार समय दिया गया, लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाया। पिछले दो दिनों में यहां पर रह रहे वृद्ध व बेसहारा लोगों को संचालक ने अपने स्तर पर किसी अन्य स्थानों पर भेज दिया था।
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बुधवार को बिस्तर, कपड़े व अन्य छोटा-मोटा समान यहां से खाली करवा कर सामने ही आश्रम संचालक के घर पर भेज दिया गया है। ताला लगाकर इसकी चाबी सरपंच ग्राम पंचायत मोड़ी को सौंप दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आश्रम संचालक से हमने तीन से चार बार लिखित में पहले भी पूछा है कि लिखित में दो कितने लोग यहां रह रहे हैं, कहां से मिले हैं।
आश्रम संचालक ने हमें आज तक यह नहीं बताया कि इस आश्रम में कितने लोग रह रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर शांतिकुंज बेसहारा आश्रम के संचालक पवन कुमार का कहना है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में यह कदम उठाया।