{"_id":"65903ffca4a3c1c3ad0f8474","slug":"after-the-accident-angry-villagers-blocked-narnaul-patan-highway-narnol-news-c-196-1-nnl1004-7927-2023-12-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने नारनौल-पाटन हाईवे किया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने नारनौल-पाटन हाईवे किया जाम
विज्ञापन
नारनौल। नारनौल-पाटन हाईवे पर पत्थरों से भरे ओवरलोड डंपर चालक ने श्रमिकों की ट्रैक्टर-ट्राॅली को टक्कर मार दी। इससे ट्रैक्टर व ट्राॅली पलट गई। घटना में तीन महिलाओं को गम्भीर चोटें आईं हैं। वहीं, छोटे बच्चे कुशल बच गए। घायल महिलाओं को नांगल चौधरी अस्पताल पहुंचाया, वहां गंभीर हालत होने की वजह से नारनौल भेज दिया गया। वहीं हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने दोपहर करीब 3 बजे सड़क मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने ओवरलोड को लेकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बाद में सूचना पाकर मौके पर पहुंची निजामपुर पुलिस ने जाम खुलवाने के प्रयास किया, परंतु ग्रामीण ओवरलोड पर पाबंदी व घायल श्रमिकों को मुवावजा दिलाने की मांग पर अड़ गए। तीन घंटे तक हाईवे के वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।
नारनौल के राधा कृष्ण मैरिज के पास झुग्गियों में रहने वाले बंजारा समुदाय के कुछ श्रमिक ट्रैक्टर ट्राॅली में सवार होकर नारनौल से गोलवा किसी काम पर जा रहे थे। उनके साथ महिलाएं व छोटे बच्चे भी ट्राॅली में सवार थे। अभी वे पांचनोता गांव के पास पहुंचे थे कि बायल की ओर से आ रहे पत्थरों से ओवरलोड भरे एक तेज रफ्तार डंपर ने ट्राॅली को टक्कर मार दी। इससे ट्राली सड़क किनारे गड्ढों में पलट गई। इसके बाद श्रमिकों की चीख पुकार शुरू हो गई। इससे ग्रामीणों ने भागकर काफी प्रयास कर ट्राॅली व झाड़ियों में फंसे श्रमिकों को बाहर निकाला। हादसे में ट्राॅली में बैठी महिला श्रमिक केला देवी, पूजा देवी व माया को पेट, सीने व पैर में गंभीर चोटें आई।
तीन घंटे तक ग्रामीणों ने रखी सड़क जाम
हादसे के बाद ग्रामीणों ने घटनास्थल पर ही सड़क मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर दिनरात ओवरलोड डंपर दौड़ रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से ओवरलोड पर अंकुश नही लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने करीब 3 बजे सड़क जाम कर दी। जिससे वाहनों की लंंबी कतार लग गई।
विज्ञापन
जाम की सूचना पर निजामपुर एसएचओ पहुंचे मौके पर
सड़क मार्ग पर जाम लगाने की सूचना पर निजामपुर थाना इंचार्ज धर्मबीर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने के प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ओवरलोड पर पाबंदी, स्पीड ब्रेकर का निर्माण व घायलों को मुवावजा देने की मांग पर अड़ गए। करीब तीन घंटे लगे जाम में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद थाना इंचार्ज ने ग्रामीणों को ओवरलोड पर पाबंदी, घायलों को आर्थिक सहायता दिलवाने सहित उपचार में भी मदद करवाने का भरोसा दिलाया। जिस पर ग्रामीण सहमत हो गए और शाम करीब 6 बजे सड़क मार्ग को बहाल कर दिया।
विज्ञापन
नारनौल के राधा कृष्ण मैरिज के पास झुग्गियों में रहने वाले बंजारा समुदाय के कुछ श्रमिक ट्रैक्टर ट्राॅली में सवार होकर नारनौल से गोलवा किसी काम पर जा रहे थे। उनके साथ महिलाएं व छोटे बच्चे भी ट्राॅली में सवार थे। अभी वे पांचनोता गांव के पास पहुंचे थे कि बायल की ओर से आ रहे पत्थरों से ओवरलोड भरे एक तेज रफ्तार डंपर ने ट्राॅली को टक्कर मार दी। इससे ट्राली सड़क किनारे गड्ढों में पलट गई। इसके बाद श्रमिकों की चीख पुकार शुरू हो गई। इससे ग्रामीणों ने भागकर काफी प्रयास कर ट्राॅली व झाड़ियों में फंसे श्रमिकों को बाहर निकाला। हादसे में ट्राॅली में बैठी महिला श्रमिक केला देवी, पूजा देवी व माया को पेट, सीने व पैर में गंभीर चोटें आई।
विज्ञापन
तीन घंटे तक ग्रामीणों ने रखी सड़क जाम
हादसे के बाद ग्रामीणों ने घटनास्थल पर ही सड़क मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर दिनरात ओवरलोड डंपर दौड़ रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से ओवरलोड पर अंकुश नही लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने करीब 3 बजे सड़क जाम कर दी। जिससे वाहनों की लंंबी कतार लग गई।
विज्ञापन
जाम की सूचना पर निजामपुर एसएचओ पहुंचे मौके पर
सड़क मार्ग पर जाम लगाने की सूचना पर निजामपुर थाना इंचार्ज धर्मबीर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने के प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ओवरलोड पर पाबंदी, स्पीड ब्रेकर का निर्माण व घायलों को मुवावजा देने की मांग पर अड़ गए। करीब तीन घंटे लगे जाम में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद थाना इंचार्ज ने ग्रामीणों को ओवरलोड पर पाबंदी, घायलों को आर्थिक सहायता दिलवाने सहित उपचार में भी मदद करवाने का भरोसा दिलाया। जिस पर ग्रामीण सहमत हो गए और शाम करीब 6 बजे सड़क मार्ग को बहाल कर दिया।