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Mahendragarh-Narnaul News: जल संरक्षण की आदत को व्यवहार में अपनाएं
Sat, 07 Sep 2024 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 07 Sep 2024 11:46 PM IST
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निजामपुर। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की ओर से राजकीय कन्या उच्च विद्यालय बसीरपुर में जल संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
खंड संसाधन संयोजक अशोक यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम जन भागीदारी से ही सफल हो सकता है। खंड संसाधन संयोजक ने कहा कि हमें प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल संसाधनों, पेड़-पौधों व पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। जल संरक्षण विषय पर निबंध प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, रंगोली, पेंटिंग प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय की कक्षा आठवीं, नौवीं, दसवीं के विद्यार्थी और शिक्षकगण उपस्थित रहे।
खंड संसाधन संयोजक ने कहा कि जल संरक्षण की आदत को बच्चे अपने व्यवहार में अपनाएं। उन्होंने कहा कि हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे जल स्रोत से 10 मीटर क्षेत्र में कोई कूड़ा-कचरा, गोबर और गंदा पानी एकत्रित ना हो। उन्होंने एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के नए नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे जल स्रोत की 100 मीटर के क्षेत्र में कोई पेट्रोल पंप भी उपस्थित ना हो। संबंधित ग्राम पंचायत नया बोरवेल करते हुए इस बात का भी ध्यान रखें। दूषित जल से होने वाली डायरिया बीमारी के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। पेयजल पाइपलाइन की लीक संबंधित शिकायत के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर 18001805678 के बारे में भी जानकारी दी।
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खंड संसाधन संयोजक अशोक यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम जन भागीदारी से ही सफल हो सकता है। खंड संसाधन संयोजक ने कहा कि हमें प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल संसाधनों, पेड़-पौधों व पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। जल संरक्षण विषय पर निबंध प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, रंगोली, पेंटिंग प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय की कक्षा आठवीं, नौवीं, दसवीं के विद्यार्थी और शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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खंड संसाधन संयोजक ने कहा कि जल संरक्षण की आदत को बच्चे अपने व्यवहार में अपनाएं। उन्होंने कहा कि हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे जल स्रोत से 10 मीटर क्षेत्र में कोई कूड़ा-कचरा, गोबर और गंदा पानी एकत्रित ना हो। उन्होंने एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के नए नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे जल स्रोत की 100 मीटर के क्षेत्र में कोई पेट्रोल पंप भी उपस्थित ना हो। संबंधित ग्राम पंचायत नया बोरवेल करते हुए इस बात का भी ध्यान रखें। दूषित जल से होने वाली डायरिया बीमारी के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। पेयजल पाइपलाइन की लीक संबंधित शिकायत के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर 18001805678 के बारे में भी जानकारी दी।
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