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पुलिस कर रही थी घर की सुरक्षा, आरोपियों ने पेट्रोल डालकर लगा दी आग, तीन पकड़े
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जला हुआ दरवाजा दिखाता पीड़ित।
- फोटो : Narnol
पुलिस सुरक्षा वाले बुजुर्ग दंपती के घर को मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे बदमाशों ने पेट्रोल से जलाने का प्रयास किया। बदमाशों ने घर के लकड़ी के दरवाजे पर पेट्रोल डालकर उसे आग लगा दी। आग को भड़कते देखकर घर की सुरक्षा में तैनात एसपीओ ने परिवार के लोगों को जगाया। इसके बाद परिवारजनों के सहयोग से आग को बुझाया गया। पुलिस ने इस मामले के तीन आरोपियों को पकड़ा है।
मोहल्ला करेलिया बाजार निवासी आरएमपी रमेश ने बताया कि 28 अक्तूबर को मोहल्ले ही निवासी गीतांश व उसके साथियों ने घर में घुसकर लूटपाट की थी। तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने 9 नवंबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीन चार दिन बाद ही आरोपी जमानत पर बाहर आ गए। घटना के बाद से उनके घर पर पुलिस सुरक्षा है। रमेश वर्मा ने बताया कि मंगलवार को अपने घर पर सोए थे। छत पर बने कमरे में पुलिस कर्मी सो रहे थे। रात करीब एक बजकर 20 मिनट पर किसी ने घर के लकड़ी के दरवाजे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। छत पर सो रहे पुलिसकर्मी ने आग को देखकर हमें जगाया। परिवार के लोगों ने कुछ देर के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। पुलिसकर्मी ने थाने में फोन किया। उन्होंने बाहर जाकर देखा तो गीतांश अपने साथियों के साथ वहां से जा रहा था। कुछ देर बाद थाने की पुलिस व सीआईए स्टाफ मौके पर पहुंचा। बाद में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ कर लिया।
बिना डंडे ही कर रहे थे सुुरक्षा
रमेश के घर पर दो पुलिसकर्मी दिन और दो पुलिसकर्मी रात में रहते हैं। बदमाशों का सामना करने के लिए इन पुलिसकर्मियों के पास एक डंडा तक नहीं होता। रात के समय सुरक्षा के लिए एक एसपीओ और एक होमगार्ड को लगाया गया था। जिनके पास हथियार तो दूर डंडा तक नहीं था। बता दें कि एसपीओ यानी स्पेशल पुलिस ऑफिसर के पद पर एक्स सर्विस मैन को नियुक्त किया हुआ है।
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यह था मामला
रमेश ने बताया कि 28 अक्तूबर की रात को करेलिया बाजार निवासी आरएमपी डॉ. रमेश के घर रात 11 बजे गीतांश, राहुल अपने साथियों के साथ जबरदस्ती घुस आया था। कैंपर गाड़ी से दरवाजे को टक्कर मारी। इसके बाद बाइक लेकर घर के अंदर घुसे। पूरा परिवार डर कर एक कमरे में चला गया। रमेश ने बताया कि गीतांश के हाथ में रिवॉल्वर थी। उसके अन्य5-6 साथियों के पास तलवार , डंडे व अन्य हथियार थे। बदमाशों ने घर में घुसकर सोने की चेन, कान की बाली, 80 हजार रुपये की नकदी लूट ली। बदमाश जाते समय 3 लाख रुपये की फिरोती के लिए धमकी दे गए। रुपये नहीं देने पर बेटी को उठा ले जाने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे थे।
28 अक्तूबर की लूट की वारदात के समय पुुलिस ने कमजोर धाराएं लगाई। लूट की धारा नहीं लगाई गई। जिससे आरोपियों को महज तीन चार दिन में ही जमानत मिल गई। आरोपियों को राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त होने से कमजोर धाराएं लगाई गई। इसी के चलते आरोपियों की इतनी हिम्मत हो गई कि उन्होंने पुलिस सुरक्षा होने के बाद भी घर में हमें जिंदा जलाने का प्रयास किया।
कृष्णा देवी, पीड़ित रमेश की पत्नी, करेलिया बाजार ,महेंद्रगढ़
शक के आधार पर तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। परिवार की सुरक्षा के लिए एसपीओ लगाए हुए हैं। पुलिस के नियमों के अनुसार एसपीओ को हथियार नहीं दिए जा सकते।
अनिल कुमार, एसएचओ, महेंद्रगढ़
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मोहल्ला करेलिया बाजार निवासी आरएमपी रमेश ने बताया कि 28 अक्तूबर को मोहल्ले ही निवासी गीतांश व उसके साथियों ने घर में घुसकर लूटपाट की थी। तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने 9 नवंबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीन चार दिन बाद ही आरोपी जमानत पर बाहर आ गए। घटना के बाद से उनके घर पर पुलिस सुरक्षा है। रमेश वर्मा ने बताया कि मंगलवार को अपने घर पर सोए थे। छत पर बने कमरे में पुलिस कर्मी सो रहे थे। रात करीब एक बजकर 20 मिनट पर किसी ने घर के लकड़ी के दरवाजे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। छत पर सो रहे पुलिसकर्मी ने आग को देखकर हमें जगाया। परिवार के लोगों ने कुछ देर के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। पुलिसकर्मी ने थाने में फोन किया। उन्होंने बाहर जाकर देखा तो गीतांश अपने साथियों के साथ वहां से जा रहा था। कुछ देर बाद थाने की पुलिस व सीआईए स्टाफ मौके पर पहुंचा। बाद में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ कर लिया।
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बिना डंडे ही कर रहे थे सुुरक्षा
रमेश के घर पर दो पुलिसकर्मी दिन और दो पुलिसकर्मी रात में रहते हैं। बदमाशों का सामना करने के लिए इन पुलिसकर्मियों के पास एक डंडा तक नहीं होता। रात के समय सुरक्षा के लिए एक एसपीओ और एक होमगार्ड को लगाया गया था। जिनके पास हथियार तो दूर डंडा तक नहीं था। बता दें कि एसपीओ यानी स्पेशल पुलिस ऑफिसर के पद पर एक्स सर्विस मैन को नियुक्त किया हुआ है।
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यह था मामला
रमेश ने बताया कि 28 अक्तूबर की रात को करेलिया बाजार निवासी आरएमपी डॉ. रमेश के घर रात 11 बजे गीतांश, राहुल अपने साथियों के साथ जबरदस्ती घुस आया था। कैंपर गाड़ी से दरवाजे को टक्कर मारी। इसके बाद बाइक लेकर घर के अंदर घुसे। पूरा परिवार डर कर एक कमरे में चला गया। रमेश ने बताया कि गीतांश के हाथ में रिवॉल्वर थी। उसके अन्य5-6 साथियों के पास तलवार , डंडे व अन्य हथियार थे। बदमाशों ने घर में घुसकर सोने की चेन, कान की बाली, 80 हजार रुपये की नकदी लूट ली। बदमाश जाते समय 3 लाख रुपये की फिरोती के लिए धमकी दे गए। रुपये नहीं देने पर बेटी को उठा ले जाने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे थे।
28 अक्तूबर की लूट की वारदात के समय पुुलिस ने कमजोर धाराएं लगाई। लूट की धारा नहीं लगाई गई। जिससे आरोपियों को महज तीन चार दिन में ही जमानत मिल गई। आरोपियों को राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त होने से कमजोर धाराएं लगाई गई। इसी के चलते आरोपियों की इतनी हिम्मत हो गई कि उन्होंने पुलिस सुरक्षा होने के बाद भी घर में हमें जिंदा जलाने का प्रयास किया।
कृष्णा देवी, पीड़ित रमेश की पत्नी, करेलिया बाजार ,महेंद्रगढ़
शक के आधार पर तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। परिवार की सुरक्षा के लिए एसपीओ लगाए हुए हैं। पुलिस के नियमों के अनुसार एसपीओ को हथियार नहीं दिए जा सकते।
अनिल कुमार, एसएचओ, महेंद्रगढ़