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Haryana: अभय चौटाला बोले- CM के बयान पर कोर्ट संज्ञान ले, नहीं तो हम मानहानि का मुकद्दमा दर्ज करवाएंगे

Tue, 04 Apr 2023 01:44 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 04 Apr 2023 01:44 AM IST
सार

अभय चौटाला ने नारनौल में हरियाणा परिवर्तन पदयात्रा के दौरान पत्रकार वार्ता की। उन्होंने इस दौरान सत्ता पक्ष और सीएम मनोहर लाल पर निशाना साधा।

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Abhay Chautala said – Court should take cognizance of statement of CM
अभय चौटाला। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

विधायक अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अहंकार में डूबे हुए हैं और यही कारण है कि उन्होंने न्यायाधीश के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। विधायक अभय चौटाला ने सोमवार को नारनौल में हरियाणा परिवर्तन पदयात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत की।

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अभय चौटाला ने कहा कि हाईकोर्ट को भी इस गंभीर मामले पर स्वयं संज्ञान लेना चाहिए, ताकि फिर से कोई अदालत की अवमानना करने की हिम्मत न करें। अहंकार में डूबी इस सरकार के नेता वैसे भी समय-समय पर हाईकोर्ट के आदेशों की उल्लंघना करते रहे हैं। वे मुख्यमंत्री के इस बयान पर अपनी पार्टी के लीगल सेल और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकीलों से समन्वय कर रहे हैं।
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पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री की इस अभद्र टिप्पणी को लेकर हाईकोर्ट में अदालत की अवमानना के संदर्भ में एक याचिका दायर की जाएगी। यदि हमें जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री के बयान के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाएंगे। जब हाईकोर्ट को डराया जा सकता है तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी?
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इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा विधानसभा के सेशन के दौरान जब उन्होंने जनता की आवाज को उठाया तो उन्हें विधानसभा से दो दिन के लिए बाहर कर दिया गया। इसको लेकर उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए नोटिस विधानसभा को भेजा।

अभय चौटाला ने तथ्यों के साथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार नोटिस के जवाब में सरकार के एडवोकेट जनरल ने विधानसभा की प्रोसिडिंग और शपथ पत्र कोर्ट में देने की बात कही। हैरानी की बात यह है कि नोटिस का जवाब देने की बजाय इस मामले में हरियाणा विधानसभा में ही एक प्रस्ताव पास कर दिया गया है कि विधानसभा हाईकोर्ट के प्रति जवाबदेह नहीं है।


इनेलो नेता ने डीएसपी बलजिंद्र सेखों का उदाहरण देते हुए कहा कि उस मामले में भी हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया था और अब मुख्यमंत्री के अपमानजनक बयान के बाद भी हाईकोर्ट को खुद संज्ञान लेना चाहिए।

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