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Mahendragarh-Narnaul News: एक दिन चला बंदर पकड़ अभियान, फिर मैदान से गायब हुई टीम

Thu, 16 Jul 2026 11:05 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:05 PM IST
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A monkey-catching drive was conducted one day, but then the team vanished from the field.
फोटो संख्या:53- पंजाबी मोहल्ला में सड़क के बीचों बीच बैठे बंदर--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर में बंदर पकड़ने का अभियान एक दिन चलकर ठप हो गया है। नगर पालिका के 6 लाख रुपये के टेंडर के बावजूद 45 बंदरों को पकड़ने के बाद कर्मचारी गायब हो गए हैं। शहर में बंदरों का आतंक बरकरार है और नगर पालिका के बंदरमुक्त शहर के दावे हर बार खोखले साबित हो रहे हैं।
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यह अभियान शहर को बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू किया गया था लेकिन अब शहर में कहीं भी बंदर पकड़ने वाले पिंजरे दिखाई नहीं दे रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि यह केवल खानापूर्ति थी और काम को हमेशा की तरह बीच में ही बंद कर अभियान खत्म कर दिया गया।
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नगर पालिका ने बंदरों को पकड़ने के लिए 6 लाख रुपये का टेंडर जारी किया था। इस राशि का उपयोग बंदरों को पकड़ने और उन्हें शहर से बाहर छोड़ने के लिए किया जाना था। अब कर्मचारियों के अचानक गायब होने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
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शहर में न तो कर्मचारी दिख रहे हैं और न ही पिंजरे नजर आ रहे हैं। शहर के घरों और गलियों में बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। लोग डरकर रहने को मजबूर हैं और बच्चों को बाहर भेजने से कतराते हैं।
दो चरणों में 45 बंदरों पर ही सिमट गया अभियान
नगर पालिका ने शहर में मार्च में बंदर पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर पहले चरण की शुरू की थी। पहले चरण में 25 बंद पकड़े गए। इसके बाद एजेंसी के कर्मचारी गायब हो गए। काफी दिन तक कहीं नजर नहीं आए। अब हाल ही में लगातार लोगों को काटने के मामले आए तो लोगों ने आवाज उठाई। इस पर एजेंसी ने लोगों को चुप कराने के लिए फिर एक दिन बंदर पकड़ लिए। अब फिर कर्मचारी व पिंजरे गायब हैं और बंदर गलियों में घूम रहे हैं।
अधिकारियों की लापरवाही और नागरिकों की परेशानी
शहर निवासी मुकेश, प्रदीप, सुरेंद्र, सुधीर, मनीष, पंकज आदि ने बताया कि नगर पालिका के अधिकारी किसी अभियान की मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं। इसके चलते अभियान कमजोर पड़ रहे हैं। अब बंदर पकड़ने का अभियान भी ठप हो चुका है और बंदरों के झुंड अब फिर से आवासीय क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

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वर्जन:
एजेंसी के कर्मचारी एक ही दिन आए थे और उसके बाद शहर में नहीं आए हैं। एमई को इसकी जिम्मेदारी दी गई है और वहीं अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अब एजेंसी के कर्मचारियों कार्य जल्द पूरा करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। -रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:53- पंजाबी मोहल्ला में सड़क के बीचों बीच बैठे बंदर--संवाद

फोटो संख्या:53- पंजाबी मोहल्ला में सड़क के बीचों बीच बैठे बंदर--संवाद

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