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अंधड़ से बाधित हुई बिजली सप्लाई चार दिन बाद भी नहीं हुई बहाल, जल संकट गहराया
Updated Sun, 06 May 2018 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली।
बुधवार शाम को तेज हवा के साथ आए अंधड़ के कारण प्रभावित हुआ जनजीवन अब तक पटरी पर नहीं लौटा है। हजारों की संख्या में पेड़-पौधे टूटे, बिजली के खंभे और तार टूटे, वहीं पक्षियों की मौत हुई। बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते चार दिन बाद भी खोड़ के ट्यूबवेलों पर सप्लाई चालू नहीं हो पाई है। वहीं दुबलाना में अंधड़ से गिरे बिजली के पांच ट्रांसफार्मर गिर गए थे जिससे अभी तक पानी के संकट से ग्रामीण जूझ रहे हैं। हालांकि विभाग के कर्मचारी चार से पांच सौ ट्रांसफार्मर गिरने की बात कहकर अभी सप्लाई चालू करने में और समय लगने की बात कह रहे हैं।
उपभोक्ता ने कार्यकारी अभियंता के सामने समस्या रखी तो उलझे
गांव सैदपुर में एक उपभोक्ता ने इस संबंध में कार्यकारी अभियंता से अपनी समस्या रखी तो अभियंता उनसे ही उलझ गए। ग्रामीण विकास का कहना है कि उनके गांव की बिजली की सप्लाई तो अंधड़ से पहले से खराब है। जब उसने कार्यकारी अभियंता को अवगत कराया तो वे समस्या के समाधान करवाने की बजाय उनसे ही उलझ गए। अधिकारी की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया में वायरल हो गई। सोशल मिडिया में अधिकारी के इस प्रकार के व्यवहार की निंदा होती रही।
अटेली 132 पॉवर हाउस के अंतर्गत आने वाले कांटी, दूबलाना, भीलवाड़ा, महासर व बजाड़ के 33 केवी सब स्टेशन पर सभी स्थानों पर अब भी बिजली सुचारू नहीं हो पाई है जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। लोगों ने अविलंब समस्या के समाधान की मांग की है।
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मंडी अटेली।
बुधवार शाम को तेज हवा के साथ आए अंधड़ के कारण प्रभावित हुआ जनजीवन अब तक पटरी पर नहीं लौटा है। हजारों की संख्या में पेड़-पौधे टूटे, बिजली के खंभे और तार टूटे, वहीं पक्षियों की मौत हुई। बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते चार दिन बाद भी खोड़ के ट्यूबवेलों पर सप्लाई चालू नहीं हो पाई है। वहीं दुबलाना में अंधड़ से गिरे बिजली के पांच ट्रांसफार्मर गिर गए थे जिससे अभी तक पानी के संकट से ग्रामीण जूझ रहे हैं। हालांकि विभाग के कर्मचारी चार से पांच सौ ट्रांसफार्मर गिरने की बात कहकर अभी सप्लाई चालू करने में और समय लगने की बात कह रहे हैं।
उपभोक्ता ने कार्यकारी अभियंता के सामने समस्या रखी तो उलझे
गांव सैदपुर में एक उपभोक्ता ने इस संबंध में कार्यकारी अभियंता से अपनी समस्या रखी तो अभियंता उनसे ही उलझ गए। ग्रामीण विकास का कहना है कि उनके गांव की बिजली की सप्लाई तो अंधड़ से पहले से खराब है। जब उसने कार्यकारी अभियंता को अवगत कराया तो वे समस्या के समाधान करवाने की बजाय उनसे ही उलझ गए। अधिकारी की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया में वायरल हो गई। सोशल मिडिया में अधिकारी के इस प्रकार के व्यवहार की निंदा होती रही।
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अटेली 132 पॉवर हाउस के अंतर्गत आने वाले कांटी, दूबलाना, भीलवाड़ा, महासर व बजाड़ के 33 केवी सब स्टेशन पर सभी स्थानों पर अब भी बिजली सुचारू नहीं हो पाई है जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। लोगों ने अविलंब समस्या के समाधान की मांग की है।
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