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एक शहर और 118 गांवों की सीवरेज का जिम्मा एक जेई को
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:55 PM IST
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एक शहर और 118 गांवों की सीवरेज का जिम्मा एक जेई को
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। लगभग एक लाख लोगों की आबादी वाले नारनौल शहर की सीवरेज व्यवस्था संभालने के लिए महज सात स्थायी कर्मचारी हैं। इनमें से एक एसडीओ, एक जेई और पांच सफाई कर्मचारी हैं। इतना ही नहीं, शहर के जेई को नाबार्ड योजना में शामिल किए 118 गांवों का चार्ज भी दे दिया गया है। सीवरों को साफ करने के लिए विभाग के पास एक ही मशीन है, जो कई बार खराब रहती है। ऐसे में शहर की सीवरेज व्यवस्था बदहाल है। बारिश के बाद सीवरेज की समुचित निकासी इन कर्मचारियों के बस से बाहर हो जाती है।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के तहत आने वाला शहर का सीवरेज विभाग के एक्सईएन कार्यालय में एक्सईएन, एक एसडीओ, एक जेई और दो अन्य क्लर्क हैं। सर्किल में एक एसडीओ और तीन जेई की अन्य आवश्यकता है। क्लर्क और अन्य स्टाफ भी कम है। इस विभाग को शहर के साथ ही गांवों की सीवरेज व्यवस्था को भी संभालना है। पूरे शहर की सफाई का जिम्मा पांच स्थाई और दस अस्थाई सफाई कर्मचारियों के पास है। सीवरेज साफ करने की मशीन पर भी चार व्यक्तियों की जरूरत होती है। लेकिन, मशीन पर केवल एक ड्राइवर ही है।
जेई के पास अनेक कोर्ट केस
सीवरेज व्यवस्था का जिम्मा देख रहे जेई रामपाल के पास अनेक हाईकोर्ट के केस भी हैं। उनका कहना है कि आए दिन वे चंडीगढ़ कोर्ट जाते रहते हैं। इससे कई प्रोजेक्टों पर काम भी सही नहीं हो पा रहा।
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बारिश के मौसम में चरमराई है सीवर व्यवस्था
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए सीवर ही सबसे बड़ा साधन है। यदि बारिश के दौरान ही यह साधन चरमरा जाए तो हालात बद्तर हो जाते हैं।
आए दिन रहती है सीवर ओवरफ्लो की समस्या
आए दिन किसी न किसी मोहल्ले में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। सीवर के मैनहोलों के ढक्कन गायब हो चुके हैं तो कई टूट गए हैं। शहर में 2011-12 में नई बड़ी सीवर लाइन भी डाली गई थी। इसके बावजूद शहर के लोगों को राहत नहीं मिली है। शहर में सीवर ओवरफ्लो से आए दिन शहरवासियों को इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है। इसके बाद भी विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं करता।
इन मोहल्लों में बुरा हाल
पुरानी मंडी, महता चौक, रविदास मंदिर मार्ग, मोहल्ला मिश्रवाड़ा, महल मोहल्ला, नई सराय, जमालपुर, पुरानी कचहरी रोड पर पीर बाबा की मजार के पास, शनि मंदिर के पास, पुरानी मंडी, खड़खड़ी रोड आदि जगहों पर सीवर ओवरफ्लो है।
परेशान हैं लोग
शहर के रविदास मंदिर मार्ग निवासी राजेश कश्यप, सतपाल सैनी, संदीप सैन, शहंशाह ने बताया कि उनके मोहल्ले में अकसर सीवर ओवरफ्लो की समस्या रहती है। सीवर का पानी उनके घर के पास और अन्य जगहों पर निकलता रहता है। इससे परेशानी होती है।
महता चौक के पास सीवरेज व्यवस्था का बुरा हाल है। यहां पर सीवर ओवरफ्लो होने के कारण गलियों में गंदा पानी भरा हुआ है। अधिकारियों से शिकायत करने पर भी समाधान नहीं हो रहा।
-मोहित जिंदल
शहर में सीवरेज ओवरफ्लो के कारण सारा गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। इससे बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ है। सीवर लाइन की सफाई जल्द से जल्द होनी चाहिए।
-चेतराम ठेकेदार
सीवरेज ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी रविदास मार्ग पर बह रहा है। इससे लोगों को पूरा दिन बदबू भरे वातावरण में रहना पड़ रहा है। बीमारी का भी खतरा है
-अशोक कुमार
शहर के कई मोहल्लों में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बहुत ज्यादा रहती है। इससे वहां के निवासी परेशान हैं। इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
-हरिनारायण
नारनौल में सीवरेज की सफाई सुचारु रूप से की जा रही है। विभाग में स्थाई कर्मचारियों की कमी है। इसके लिए अस्थाई कर्मचारी लगाए जाएंगे। इसके टेंडर हो चुके हैं। अगस्त तक आउट सोर्सिंग के तहत कर्मचारी लगा दिए जाएंगे। इसे समस्या का समाधान हो जाएगा।
-संजीव कुमार त्यागी, एक्सईएन, सीवरेज, जनस्वास्थ्य विभाग नारनौल।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। लगभग एक लाख लोगों की आबादी वाले नारनौल शहर की सीवरेज व्यवस्था संभालने के लिए महज सात स्थायी कर्मचारी हैं। इनमें से एक एसडीओ, एक जेई और पांच सफाई कर्मचारी हैं। इतना ही नहीं, शहर के जेई को नाबार्ड योजना में शामिल किए 118 गांवों का चार्ज भी दे दिया गया है। सीवरों को साफ करने के लिए विभाग के पास एक ही मशीन है, जो कई बार खराब रहती है। ऐसे में शहर की सीवरेज व्यवस्था बदहाल है। बारिश के बाद सीवरेज की समुचित निकासी इन कर्मचारियों के बस से बाहर हो जाती है।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के तहत आने वाला शहर का सीवरेज विभाग के एक्सईएन कार्यालय में एक्सईएन, एक एसडीओ, एक जेई और दो अन्य क्लर्क हैं। सर्किल में एक एसडीओ और तीन जेई की अन्य आवश्यकता है। क्लर्क और अन्य स्टाफ भी कम है। इस विभाग को शहर के साथ ही गांवों की सीवरेज व्यवस्था को भी संभालना है। पूरे शहर की सफाई का जिम्मा पांच स्थाई और दस अस्थाई सफाई कर्मचारियों के पास है। सीवरेज साफ करने की मशीन पर भी चार व्यक्तियों की जरूरत होती है। लेकिन, मशीन पर केवल एक ड्राइवर ही है।
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जेई के पास अनेक कोर्ट केस
सीवरेज व्यवस्था का जिम्मा देख रहे जेई रामपाल के पास अनेक हाईकोर्ट के केस भी हैं। उनका कहना है कि आए दिन वे चंडीगढ़ कोर्ट जाते रहते हैं। इससे कई प्रोजेक्टों पर काम भी सही नहीं हो पा रहा।
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बारिश के मौसम में चरमराई है सीवर व्यवस्था
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए सीवर ही सबसे बड़ा साधन है। यदि बारिश के दौरान ही यह साधन चरमरा जाए तो हालात बद्तर हो जाते हैं।
आए दिन रहती है सीवर ओवरफ्लो की समस्या
आए दिन किसी न किसी मोहल्ले में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। सीवर के मैनहोलों के ढक्कन गायब हो चुके हैं तो कई टूट गए हैं। शहर में 2011-12 में नई बड़ी सीवर लाइन भी डाली गई थी। इसके बावजूद शहर के लोगों को राहत नहीं मिली है। शहर में सीवर ओवरफ्लो से आए दिन शहरवासियों को इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है। इसके बाद भी विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं करता।
इन मोहल्लों में बुरा हाल
पुरानी मंडी, महता चौक, रविदास मंदिर मार्ग, मोहल्ला मिश्रवाड़ा, महल मोहल्ला, नई सराय, जमालपुर, पुरानी कचहरी रोड पर पीर बाबा की मजार के पास, शनि मंदिर के पास, पुरानी मंडी, खड़खड़ी रोड आदि जगहों पर सीवर ओवरफ्लो है।
परेशान हैं लोग
शहर के रविदास मंदिर मार्ग निवासी राजेश कश्यप, सतपाल सैनी, संदीप सैन, शहंशाह ने बताया कि उनके मोहल्ले में अकसर सीवर ओवरफ्लो की समस्या रहती है। सीवर का पानी उनके घर के पास और अन्य जगहों पर निकलता रहता है। इससे परेशानी होती है।
महता चौक के पास सीवरेज व्यवस्था का बुरा हाल है। यहां पर सीवर ओवरफ्लो होने के कारण गलियों में गंदा पानी भरा हुआ है। अधिकारियों से शिकायत करने पर भी समाधान नहीं हो रहा।
-मोहित जिंदल
शहर में सीवरेज ओवरफ्लो के कारण सारा गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। इससे बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ है। सीवर लाइन की सफाई जल्द से जल्द होनी चाहिए।
-चेतराम ठेकेदार
सीवरेज ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी रविदास मार्ग पर बह रहा है। इससे लोगों को पूरा दिन बदबू भरे वातावरण में रहना पड़ रहा है। बीमारी का भी खतरा है
-अशोक कुमार
शहर के कई मोहल्लों में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बहुत ज्यादा रहती है। इससे वहां के निवासी परेशान हैं। इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
-हरिनारायण
नारनौल में सीवरेज की सफाई सुचारु रूप से की जा रही है। विभाग में स्थाई कर्मचारियों की कमी है। इसके लिए अस्थाई कर्मचारी लगाए जाएंगे। इसके टेंडर हो चुके हैं। अगस्त तक आउट सोर्सिंग के तहत कर्मचारी लगा दिए जाएंगे। इसे समस्या का समाधान हो जाएगा।
-संजीव कुमार त्यागी, एक्सईएन, सीवरेज, जनस्वास्थ्य विभाग नारनौल।