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प्रशासनिक कार्रवाई नकारा साबित, कृष्णावती में अवैध खनन, वाशिंग प्लांटों पर नहीं लगा अंकुश
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:03 PM IST
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कृष्णावती में जारी है अवैध खनन, वाशिंग प्लांटों पर नहीं लगा अंकुश
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। कृष्णावती नदी में अवैध खनन और बजरी वाशिंग प्लांटों के खिलाफ ग्रामीण सीएम विंडो पर शिकायत हो चुकी है। इस संबंध में जिला उपायुक्त भी आदेश दे चुके हैं। इसके बाद भी इन पर अंकुश नहीं लग सका है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है।
दोस्तपुर, भेडंटी, ढाणी जाजमा, शहबाजपुर, नोलायजा, दताल के ग्रामीणों ने बताया कि कृष्णावती नदी में बजरी खनन पर प्रतिबंध है। संपूर्ण नांगल चौधरी ब्लॉक डार्कजोन होने के कारण बजरी वाशिंग प्लांट लगाना संभव नहीं है। बावजूद इसके ढाणी जाजमा, नोलायजा की सीमा में प्लांट लग गया है। पिछले दिनों शिकायत मिलने पर सीएम फ्लाइंग ने छापा मारा था। इस दौरान दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी, डंपर अवैध खनन करते मिले। टीम ने घेराबंदी कर आठ कारिंदे और संसाधनों को काबू किया था। कार्रवाई की भनक लगने पर देशराज पुत्र रामेश्वर संसाधनों को लेकर राजस्थान भाग गया था। आठ खनन माफिया की गिरफ्तारी के बाद उड़न दस्ते ने तीनों प्लांटों को तुड़वाया था। साथ ही संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करवाकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन, विभागीय मिलीभगत के चलते प्लांट संचालकों ने दोबारा बजरी वाशिंग शुरू कर दी है। ढाणी जाजमा, शहबाजपुर की कृष्णावती नदी में धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं। अंधाधुंध दोहन से भूजल स्तर 1500 फीट गहराई में पहुंच गया। अधिकांश गांवों में पेयजल समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो साल के दौरान 15-20 बार तोड़फोड़ की कार्रवाई हो चुकी। लेकिन, 5-7 दिन बाद ही माफिया दोबारा बजरी वाशिंग करने लगता है।
अंधेरे में होता है खनन
ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट संचालक करीब 30 फीट गहराई पर खनन कर रहे हैं। थोड़ा अंधेरा होते सैकड़ों ट्रैक्टर, डंपर, जेसीबी नदी में पहुंच जाते हैं। सुबह आठ बजे तक बजरी स्टॉक करते हैं। इसके बाद वाशिंग प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अनावश्यक जल दोहन के की वजह से अधिकांश बोरवेल नकारा हो चुके।
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जल्द होगी कार्रवाई
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ देवदत्त मुदगिल ने बताया कि डार्कजोन में बजरी वाशिंग प्लांट लगाने इजाजत नहीं है। कृष्णावती नदी में कई बार सील और तोड़फोड़ कार्रवाई हो चुकी। जिला उपायुक्त के निर्देशानुसार जल्द ही वाशिंग प्लांट बंद करवाए जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। कृष्णावती नदी में अवैध खनन और बजरी वाशिंग प्लांटों के खिलाफ ग्रामीण सीएम विंडो पर शिकायत हो चुकी है। इस संबंध में जिला उपायुक्त भी आदेश दे चुके हैं। इसके बाद भी इन पर अंकुश नहीं लग सका है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है।
दोस्तपुर, भेडंटी, ढाणी जाजमा, शहबाजपुर, नोलायजा, दताल के ग्रामीणों ने बताया कि कृष्णावती नदी में बजरी खनन पर प्रतिबंध है। संपूर्ण नांगल चौधरी ब्लॉक डार्कजोन होने के कारण बजरी वाशिंग प्लांट लगाना संभव नहीं है। बावजूद इसके ढाणी जाजमा, नोलायजा की सीमा में प्लांट लग गया है। पिछले दिनों शिकायत मिलने पर सीएम फ्लाइंग ने छापा मारा था। इस दौरान दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी, डंपर अवैध खनन करते मिले। टीम ने घेराबंदी कर आठ कारिंदे और संसाधनों को काबू किया था। कार्रवाई की भनक लगने पर देशराज पुत्र रामेश्वर संसाधनों को लेकर राजस्थान भाग गया था। आठ खनन माफिया की गिरफ्तारी के बाद उड़न दस्ते ने तीनों प्लांटों को तुड़वाया था। साथ ही संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करवाकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन, विभागीय मिलीभगत के चलते प्लांट संचालकों ने दोबारा बजरी वाशिंग शुरू कर दी है। ढाणी जाजमा, शहबाजपुर की कृष्णावती नदी में धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं। अंधाधुंध दोहन से भूजल स्तर 1500 फीट गहराई में पहुंच गया। अधिकांश गांवों में पेयजल समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो साल के दौरान 15-20 बार तोड़फोड़ की कार्रवाई हो चुकी। लेकिन, 5-7 दिन बाद ही माफिया दोबारा बजरी वाशिंग करने लगता है।
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अंधेरे में होता है खनन
ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट संचालक करीब 30 फीट गहराई पर खनन कर रहे हैं। थोड़ा अंधेरा होते सैकड़ों ट्रैक्टर, डंपर, जेसीबी नदी में पहुंच जाते हैं। सुबह आठ बजे तक बजरी स्टॉक करते हैं। इसके बाद वाशिंग प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अनावश्यक जल दोहन के की वजह से अधिकांश बोरवेल नकारा हो चुके।
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जल्द होगी कार्रवाई
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ देवदत्त मुदगिल ने बताया कि डार्कजोन में बजरी वाशिंग प्लांट लगाने इजाजत नहीं है। कृष्णावती नदी में कई बार सील और तोड़फोड़ कार्रवाई हो चुकी। जिला उपायुक्त के निर्देशानुसार जल्द ही वाशिंग प्लांट बंद करवाए जाएंगे।