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कूड़ा निस्तारण में लापरवाही बतरने वाले होटल व मैरिज प्लेस का होगा चालान
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नारनौल। शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर परिषद ने होटलों व मैरिज प्लेस मालिकों को अपने स्तर पर कूड़े के निस्तारण करने के लिए कहा था। लेकिन, इसे लेकर शहर के होटल व मैरिज संचालक गंभीर नहीं हैं। ऐसे में अब नप ऐसे संस्थानों का चालान करने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर 23 मई के बाद कदम उठाया जाएगा। संस्थानों का पांच हजार रुपये का चालान काटा जा सकता है।
एनसीआर में प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त है। इसी को ध्यान में रखकर 29 अप्रैल को जिला प्रशासन ने मैरिज प्लेस व होटल मालिकों के साथ बैठक की थी। इसमें कूड़े के निष्पादन के संबंध में एनजीटी के आदेशों को लागू करने पर चर्चा हुई थी। इसमें जिले के सभी मैरिज प्लेस व होटलों के मालिकों को खुद ही गीले कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन करने की बात कही गई थी। इसके अलावा दूसरी तरह के कूड़े को भी निर्धारित स्थान पर ही डालने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद भी होटल व मैरिज प्लेस संचालकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पहले की तरह मनमर्जी से कूड़ा फेंक रहे हैं। नप ने भी होटलों को तय जगह पर कूड़ा डालने और गीले कूड़े के सही निस्तारण के लिए कहा। लेकिन, इसे लेकर होटलों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में अब नप ऐसे संस्थानों का चालान करने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर कूड़ा टैक्स वसूला जा सकता है। इसके लिए होटलों से 50 रुपये से 200 रुपये तक हो सकता है। शहर से रोजाना करीब 50 टन कूड़ा निकलता है। नप में करीब 215 सफाई कर्मचारी है। इसके अलावा एक डंपर प्लेसर और 20 छोटे वाहन अलग से है।
बता दें कि नप शहर को साफ सुथरा रखने के लिए कुछ माह पहले प्रमुख जगहों पर डस्टबिन रखवाया था। जिससे की लोग कूड़ेदान में कूड़ा डाले। लेकिन, कई जगहों पर लोग डस्टबिन के बाहर कूड़ा फेंक देते हैं। इससे नप को शहर को साफ-सुथरा रखने में कठिनाई आती है। दूसरा शहर में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर में पशु मुंह मारते रहते हैं। वहीं शहर में अलग से छोटे डस्टबिन लगाए जाने हैं। इसके लिए टेंडर जारी होना है। लेकिन, चुनाव आचार संहिता के कारण यह कार्य अभी अटका हुआ है।
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मनमाने तरीके से फेंक देते हैं कूड़ा
नप ने रघुनाथपुरा में कूड़ा डंपिंग स्थल बनाया हुआ है। यह शहर से दूर होने के कारण लोग ग्रीन बेल्ट और अन्य जगहों पर कूड़ा व मलबा डाल देते हैं। इससे भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हालांकि डंपिंग ग्राउंड पर गीला व ठोस कचरे को अलग-अलग डालने के निर्देश दिए। सभी संस्थानों को अपने यहां गीला कूड़ा निष्पादन के लिए मशीन लगाने या उसे अन्य तरीके से जमीन में दबाकर उसका निष्पादन करने का निर्देश है। नियम के अनुसार कूड़ा जलाने व अन्य जगहों पर कूड़ा फेंकने पर पहली बार पांच हजार रुपये और दूसरी बार 25 हजार रुपये चालान का प्रावधान है।
कूड़ा प्रबंधन को लेकर होटल और मैरिज प्लेस संचालक गंभीर नहीं है। कई होटल अभी भी मनमानी तरीके से कूड़ा फेंक रहे हैं। अन्य जगहों पर कूड़ा फेंकने व जलाने पर पांच हजार रुपये के चालान का प्रावधान है। नप की टीम ऐसे होटलों पर नजर रखेगी और चालान करेगी। दूसरा कूूड़े कलेक्शन को लेकर टैक्स का भी प्रावधान है। इसके लिए सदन की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। सरकार की ओर से पहले से कूड़े पर टैक्स वसूलने का प्रस्ताव है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद इस पर काम शुरू होगा।
हेमंत कुमार, कार्यकारी अभियंता, नप
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एनसीआर में प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त है। इसी को ध्यान में रखकर 29 अप्रैल को जिला प्रशासन ने मैरिज प्लेस व होटल मालिकों के साथ बैठक की थी। इसमें कूड़े के निष्पादन के संबंध में एनजीटी के आदेशों को लागू करने पर चर्चा हुई थी। इसमें जिले के सभी मैरिज प्लेस व होटलों के मालिकों को खुद ही गीले कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन करने की बात कही गई थी। इसके अलावा दूसरी तरह के कूड़े को भी निर्धारित स्थान पर ही डालने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद भी होटल व मैरिज प्लेस संचालकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पहले की तरह मनमर्जी से कूड़ा फेंक रहे हैं। नप ने भी होटलों को तय जगह पर कूड़ा डालने और गीले कूड़े के सही निस्तारण के लिए कहा। लेकिन, इसे लेकर होटलों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में अब नप ऐसे संस्थानों का चालान करने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर कूड़ा टैक्स वसूला जा सकता है। इसके लिए होटलों से 50 रुपये से 200 रुपये तक हो सकता है। शहर से रोजाना करीब 50 टन कूड़ा निकलता है। नप में करीब 215 सफाई कर्मचारी है। इसके अलावा एक डंपर प्लेसर और 20 छोटे वाहन अलग से है।
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बता दें कि नप शहर को साफ सुथरा रखने के लिए कुछ माह पहले प्रमुख जगहों पर डस्टबिन रखवाया था। जिससे की लोग कूड़ेदान में कूड़ा डाले। लेकिन, कई जगहों पर लोग डस्टबिन के बाहर कूड़ा फेंक देते हैं। इससे नप को शहर को साफ-सुथरा रखने में कठिनाई आती है। दूसरा शहर में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर में पशु मुंह मारते रहते हैं। वहीं शहर में अलग से छोटे डस्टबिन लगाए जाने हैं। इसके लिए टेंडर जारी होना है। लेकिन, चुनाव आचार संहिता के कारण यह कार्य अभी अटका हुआ है।
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मनमाने तरीके से फेंक देते हैं कूड़ा
नप ने रघुनाथपुरा में कूड़ा डंपिंग स्थल बनाया हुआ है। यह शहर से दूर होने के कारण लोग ग्रीन बेल्ट और अन्य जगहों पर कूड़ा व मलबा डाल देते हैं। इससे भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हालांकि डंपिंग ग्राउंड पर गीला व ठोस कचरे को अलग-अलग डालने के निर्देश दिए। सभी संस्थानों को अपने यहां गीला कूड़ा निष्पादन के लिए मशीन लगाने या उसे अन्य तरीके से जमीन में दबाकर उसका निष्पादन करने का निर्देश है। नियम के अनुसार कूड़ा जलाने व अन्य जगहों पर कूड़ा फेंकने पर पहली बार पांच हजार रुपये और दूसरी बार 25 हजार रुपये चालान का प्रावधान है।
कूड़ा प्रबंधन को लेकर होटल और मैरिज प्लेस संचालक गंभीर नहीं है। कई होटल अभी भी मनमानी तरीके से कूड़ा फेंक रहे हैं। अन्य जगहों पर कूड़ा फेंकने व जलाने पर पांच हजार रुपये के चालान का प्रावधान है। नप की टीम ऐसे होटलों पर नजर रखेगी और चालान करेगी। दूसरा कूूड़े कलेक्शन को लेकर टैक्स का भी प्रावधान है। इसके लिए सदन की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। सरकार की ओर से पहले से कूड़े पर टैक्स वसूलने का प्रस्ताव है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद इस पर काम शुरू होगा।
हेमंत कुमार, कार्यकारी अभियंता, नप