फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   सीमा विवाद में उलझे बजरी वाशिंग प्लांट

सीमा विवाद में उलझे बजरी वाशिंग प्लांट

Sat, 25 Nov 2017 10:34 PM IST
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
सीमा विवाद में उलझे बजरी वाशिंग प्लांट
- ग्रामीणों में रोष, सीएम को भेजेंगे शिकायत
विज्ञापन

फोटो नंबर 10
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। क्षेत्र में हो रहे बजरी खनन व वाशिंग की शिकायतों के बाद हाल ही में मौखूता बामणवास की नदी में अवैध सात वाशिंग प्लांटों को सील कर दिया गया है। वहीं राजस्व विभाग की पैमाइश रिपोर्ट के अनुसार एक प्लांट का रैंप हरियाणा में तथा कन्वेयर, झारने राजस्थान की सीमा में हैं। जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ना शुरू हो गया है। उन्होंने सीएम को शिकायत भेजकर कार्रवाई करवाने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि नांगल चौधरी, नारनौल, निजामपुर ब्लॉक 2 दिसंबर 2006 को डार्कजोन में शामिल कर दिया था। जिसमें अनावश्यक जल दोहन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। नियमानुसार डार्कजोन में पानी का कमर्शियल इस्तेमाल नहीं हो सकता। बावजूद मौखूता बामणवास नदी में करीब 9 वाशिंग प्लांट स्थापित हो गए। विभागीय अधिकारियों को शिकायत के बावजूद भी अंकुश नहीं लगा। पिछले दिनों जिले में सीएम का दो दिवसीय प्रवास हुआ है। जिसकी सूचना मिलते जिम्मेदार अफसरों की नींद टूट गई। 11 नवंबर की रात आठ बजे उन्होंने आनन-फानन में सात प्लांटों को सील कर दिया। एक संचालक ने प्लांट को राजस्थान में बताकर टीम को वापस भेज दिया।
विज्ञापन

- डीसी के हस्तक्षेप पर हुई पैमाइश
ग्रामीणों की शिकायत मिलने पर उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने विवादित प्लांट की पैमाइश के निर्देश दिए। उनके निर्देशानुसार राजस्व विभाग के गिरदावर ने प्लांट संचालकों की मौजूदगी में पैमाइश की। रिपोर्ट में प्लांट का रैंप हरियाणा में तथा वाशिंग के उपकरण राजस्थान की सीमा में करार दिया। जिस पर ग्रामीण संतुष्ट नहीं, आरोप लगाया कि उबड़-खाबड़ रकबे में फीता ढीला रह गया। जिस कारण हरियाणा की करीब 15 फीट सीमा सिकुड़ गई। कहा कि नदी की पहले भी कई बार पैमाइश हो चुकी, जिसमें प्लांट की जगह हरियाणा में साबित हुई थी। अब राजस्थान में दर्शाना हैरानी जनक है। उपायुक्त से जीपीएस सिस्टम से दुबारा पैमाइश कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सीमा में भी बजरी वाशिंग करने की इजाजत नहीं। प्रशासन को तुरंत राजस्थान प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। विभिन्न समस्या को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को शिकायत भेजी जाएगी। जिसमें अवैध खनन, डार्कजोन में बजरी वाशिंग, ओवरलोड की समस्या से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-मापदंडों पर नहीं हो रहा खनन
ग्रामीणों ने बताया कि नदी में तीन मीटर की गहराई तक बजरी खनन करने की अनुमति है। खनन की प्रक्रिया में मशीनों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आसपास के रकबे पर पौधरोपण करना होगा। लेकिन लीज होल्डर करीब 15 फीट की गहराई पर बजरी खनन करवा रहा है। शिकायत के बावजूद विभाग कार्रवाई नहीं करना भ्रष्टाचार साबित होता है।

-कृषि बोरवेलों पर सील की प्रक्रिया शुरू
ग्राउंड वाटर सैल विभाग के एसओ डा. अजीत सिंह ने बताया कि डार्कजोन में बजरी वाशिंग करने की अनुमति नहीं। मौखूता बामणवास नदी में पानी का कमर्शियल इस्तेमाल कर रहे बोरवेल चिह्नित कर लिया है। कार्रवाई के लिए जिला उपायुक्त को फाइल भेज दी। उनके निर्देशानुसार जल्द ही सील लगा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed