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सुरजनवास में मनाया गया शहीदी दिवस
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:40 AM IST
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सुरजनवास में मनाया गया शहीदी दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आर्य समाज सुरजनवास में शुक्रवार को कप्तान जगराम आर्य की अध्यक्षता में शहीदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में कप्तान जगराम आर्य ने कहा कि उमराव सिंह को मरणोपरांत वीरचक्र मिला है। कमल सिंह और तीसरे शहीद मुखत्यार सिंह देश की रक्षा के लिए युद्ध में सन् 65 और 71 और सन् 93 में शहीद हुए थे। ऐसे वीरों पर देश को गर्व है और सुरजनवास गांव की भूमि धन्य है। नंदराम ने कहा कि महर्षि दयानंद के त्याग तपस्या से आज हम सुख की सांस ले रहे है। रामकुमार प्रवक्ता ने शहीदों को कोटी-कोटी नमन किया। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा दोष करनी और कथनी में है। शहीद मरता नही है, वे अमर हो जाते हैं। बिमला देवी और कैलाश देवी ने कहा कि महिलाओं का उत्थान महर्षि दयानंद ने किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आर्य समाज सुरजनवास में शुक्रवार को कप्तान जगराम आर्य की अध्यक्षता में शहीदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में कप्तान जगराम आर्य ने कहा कि उमराव सिंह को मरणोपरांत वीरचक्र मिला है। कमल सिंह और तीसरे शहीद मुखत्यार सिंह देश की रक्षा के लिए युद्ध में सन् 65 और 71 और सन् 93 में शहीद हुए थे। ऐसे वीरों पर देश को गर्व है और सुरजनवास गांव की भूमि धन्य है। नंदराम ने कहा कि महर्षि दयानंद के त्याग तपस्या से आज हम सुख की सांस ले रहे है। रामकुमार प्रवक्ता ने शहीदों को कोटी-कोटी नमन किया। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा दोष करनी और कथनी में है। शहीद मरता नही है, वे अमर हो जाते हैं। बिमला देवी और कैलाश देवी ने कहा कि महिलाओं का उत्थान महर्षि दयानंद ने किया है।