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सम्मान समाज का कर्तव्य
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:55 PM IST
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महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज का कर्तव्य
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक यादव के मार्गदर्शन में बुधवार को रेवाड़ी रोड मोहल्ला कैलाश नगर आंगनबाड़ी केंद्र में हौसलों से उड़ान नामक कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया। अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने लोगों से कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि एसिड-अटैक अपराध समाज की घिनौनी मानसिकता को दर्शाता है। इस पर लगाम लगाने के लिए कानून में 326-ए आईपीसी की धारा के तहत 10 साल से उम्र कैद और धारा 326-बी के तहत कम से कम पांच साल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि एसिड-अटैक से पीड़ित महिलाओं को सरकार कम से कम तीन लाख और उससे ऊपर होने वाले खर्च को स्वयं वहन करती है। आंगनबाड़ी वर्कर उर्मिला शेखावत ने भी उपस्थित महिलाओं को एसिड-अटैक और उससे होने वाले बचाव के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर पैरालिगल वालंटियर जय शेखावत, श्रवण देवी, अनीता, रेखा, कमलेश, रजनी, सुशीला, कौशल्या, शारदा, सविता, उमा, कृष्णा, मंजू आदि उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक यादव के मार्गदर्शन में बुधवार को रेवाड़ी रोड मोहल्ला कैलाश नगर आंगनबाड़ी केंद्र में हौसलों से उड़ान नामक कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया। अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने लोगों से कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि एसिड-अटैक अपराध समाज की घिनौनी मानसिकता को दर्शाता है। इस पर लगाम लगाने के लिए कानून में 326-ए आईपीसी की धारा के तहत 10 साल से उम्र कैद और धारा 326-बी के तहत कम से कम पांच साल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि एसिड-अटैक से पीड़ित महिलाओं को सरकार कम से कम तीन लाख और उससे ऊपर होने वाले खर्च को स्वयं वहन करती है। आंगनबाड़ी वर्कर उर्मिला शेखावत ने भी उपस्थित महिलाओं को एसिड-अटैक और उससे होने वाले बचाव के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर पैरालिगल वालंटियर जय शेखावत, श्रवण देवी, अनीता, रेखा, कमलेश, रजनी, सुशीला, कौशल्या, शारदा, सविता, उमा, कृष्णा, मंजू आदि उपस्थित थे।