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मांगों को लेकर ग्रामीण चौकीदारों का धरना दूसरे दिन भी जारी
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:05 AM IST
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मांगों को लेकर ग्रामीण चौकीदारों का धरना दूसरे दिन भी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा संबंधित हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को दूसरे दिन भी लघु सचिवालय में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रमेश कुमार निंबल ने की। संचालन जिला सचिव सुरेशचंद ने किया। हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच के महासचिव मास्टर सूबेसिंह ने धरने को समर्थन दिया है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों से जिला प्रधान ने कहा कि जिला कमेटी ने निर्णय लिया है कि जिले के स्थानीय विधायकों को अपनी मांगों के से अवगत कराया जाएगा। मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें ग्रामीण चौकीदारों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, तब तक न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रतिमाह लागू करने, 65 वर्ष से अधिक उम्र के कार्यरत चौकीदारों को मानदेय देने, मानदेय में सरपंचों का हस्तक्षेप खत्म करने, साइकिल और छतरी प्रदान करने आदि मांगें शामिल हैं। जिला सचिव ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा करके सत्ता में आई सरकार ने ग्रामीण चौकीदारों की तीन साल बाद भी सुध नहीं ली है। ग्रामीण चौकीदार 3500 रुपये में जीवन यापन करते हैं। इस अवसर पर बीरसिंह, सत्यवान, बस्तीराम, सुरेशचंद, जगमाल, चन्नराम, निजामपुर, हवासिंह, कुलदीप, रघबीर, कंवरसिंह, मनोज, दिनेश कुमार, वेदप्रकाश, हरिकिशन आदि उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा संबंधित हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को दूसरे दिन भी लघु सचिवालय में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रमेश कुमार निंबल ने की। संचालन जिला सचिव सुरेशचंद ने किया। हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच के महासचिव मास्टर सूबेसिंह ने धरने को समर्थन दिया है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों से जिला प्रधान ने कहा कि जिला कमेटी ने निर्णय लिया है कि जिले के स्थानीय विधायकों को अपनी मांगों के से अवगत कराया जाएगा। मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें ग्रामीण चौकीदारों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, तब तक न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रतिमाह लागू करने, 65 वर्ष से अधिक उम्र के कार्यरत चौकीदारों को मानदेय देने, मानदेय में सरपंचों का हस्तक्षेप खत्म करने, साइकिल और छतरी प्रदान करने आदि मांगें शामिल हैं। जिला सचिव ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा करके सत्ता में आई सरकार ने ग्रामीण चौकीदारों की तीन साल बाद भी सुध नहीं ली है। ग्रामीण चौकीदार 3500 रुपये में जीवन यापन करते हैं। इस अवसर पर बीरसिंह, सत्यवान, बस्तीराम, सुरेशचंद, जगमाल, चन्नराम, निजामपुर, हवासिंह, कुलदीप, रघबीर, कंवरसिंह, मनोज, दिनेश कुमार, वेदप्रकाश, हरिकिशन आदि उपस्थित थे।
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