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Mahendragarh-Narnaul News: नांगल चौधरी के 39 गांवों पानी पहुंचाने के लिए 352.19 करोड़ रुपए किए जाएगें खर्च
Sun, 14 Sep 2025 01:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 14 Sep 2025 01:29 AM IST
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फोटो नंबर-18नांगल चौधरी में पानी पहुंचाने के लिए तैयार किया गया डिजाईन।
- फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।
नारनौल। प्रदेश सरकार ने नांगल चौधरी के सुदूर स्थित गांवों में पीने के पानी की कमी को पूरा करने के लिए मंजूर की गई योजना पर काम प्रारंभ करने के लिए टेंडर जारी किया गया है।
इस परियोजना पर 352.19 करोड़ रुपये ख़र्च होने का अनुमान है। इस परियोजना को तीन पैकेज में पूरा किया जाएगा। यह योजना इस क्षेत्र में पीने के पानी की आवश्यकता अगले कई वर्षों तक पूरा करेगी। इसे लेकर पूर्व सिंचाई मंत्री डाक्टर अभय सिंह यादव ने बताया कि उनके 10 वर्ष के कार्यकाल में यह प्रयास रहा कि नांगल चौधरी हल्के को विकास के एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाए।
कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित करने के बावजूद इसमें सबसे बड़ी बाधा विशेषकर सीमावर्ती एवं पहाड़ी क्षेत्र में स्थित गावों में पेयजल की कमी रही है। प्रतिवर्ष विशेषतः गर्मियों के समय में नांगल चौधरी हलके के अधिकांश गांवों में पीने के पानी की कमी महसूस की जाती है। भरसक प्रयास करने के उपरांत भी वर्तमान जल व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया। वर्तमान में पूरे नांगल चौधरी एवं नारनौल हल्के के अधिकांश गांवों में लहरोदा जल संयंत्र से पानी सप्लाई किया जाता है।
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बढ़ती हुई जनसंख्या एवं बढ़ती हुई मांग के अनुरूप यहां की भंडारण क्षमता पानी की पूरी आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त नहीं है। नांगल चौधरी हल्के की दूरी के कारण वहां पानी की आपूर्ति पर्याप्त रूप से नहीं हो पा रही थी। इसलिए सरकार को नांगल चौधरी हलके के लिए एक अलग जल व्यवस्था करने का प्रस्ताव अप्रैल 2024 में भिजवाया गया तथा सितंबर 2024 में इसे सरकार की मंज़ूरी मिल गई थी ।
इस परियोजना के मूल में यह बात है कि लहरोदा से संशोधित जल की सप्लाई की बजाय नहरी पानी अलग-अलग जगह जल संयंत्रों के माध्यम से साफ करके अलग-अलग ग्राम समूहों के लिए जलघर बनाकर वहां से गांवों में पानी की सप्लाई की जाए। इस कड़ी में नांगल चौधरी नगर पालिका क्षेत्र समेत चार नए जल संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। जो सिरोही बहाली, आसरावास, मोहनपुर एवं मुसनोता में स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही नांगल दर्गू जल भंडार की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इन समस्त जल भंडारों को नहरी पानी की आपूर्ति के लिए नारनौल के पास सुराना गांव स्थित अटेली डिस्ट्रीब्यूटरी से लोहे की पाइपलाइन (राइज़िंग मेन) से ले जाया जाएगा। यद्यपि नांगल चौधरी क्षेत्र के इन गांवों में नहर उपलब्ध है परंतु वहां पानी की सप्लाई उपलब्धता सीमित अवधि के लिए होती है। अतः पानी की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नारनौल से पानी ले जाने का प्रावधान किया गया है।
सुराना के पास अटेली डिस्ट्रीब्यूटरी पर अलग से पंप हाउस इस परियोजना के अंतर्गत बनाया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत नांगल चौधरी हल्के के 39 गांवों को प्रति व्यक्ति 70 लीटर प्रतिदिन के हिसाब से जल आपूर्ति करने के लिए यह योजना बनाई गई है। इस परियोजना के अंतर्गत बनने वाले जल घर वर्ष 2043 तक की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए जाएंगे और पाइप लाइन 2058 तक की आवश्यकताओं के अनुसार डिज़ाइन की गई है।
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इस परियोजना पर 352.19 करोड़ रुपये ख़र्च होने का अनुमान है। इस परियोजना को तीन पैकेज में पूरा किया जाएगा। यह योजना इस क्षेत्र में पीने के पानी की आवश्यकता अगले कई वर्षों तक पूरा करेगी। इसे लेकर पूर्व सिंचाई मंत्री डाक्टर अभय सिंह यादव ने बताया कि उनके 10 वर्ष के कार्यकाल में यह प्रयास रहा कि नांगल चौधरी हल्के को विकास के एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाए।
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कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित करने के बावजूद इसमें सबसे बड़ी बाधा विशेषकर सीमावर्ती एवं पहाड़ी क्षेत्र में स्थित गावों में पेयजल की कमी रही है। प्रतिवर्ष विशेषतः गर्मियों के समय में नांगल चौधरी हलके के अधिकांश गांवों में पीने के पानी की कमी महसूस की जाती है। भरसक प्रयास करने के उपरांत भी वर्तमान जल व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया। वर्तमान में पूरे नांगल चौधरी एवं नारनौल हल्के के अधिकांश गांवों में लहरोदा जल संयंत्र से पानी सप्लाई किया जाता है।
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बढ़ती हुई जनसंख्या एवं बढ़ती हुई मांग के अनुरूप यहां की भंडारण क्षमता पानी की पूरी आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त नहीं है। नांगल चौधरी हल्के की दूरी के कारण वहां पानी की आपूर्ति पर्याप्त रूप से नहीं हो पा रही थी। इसलिए सरकार को नांगल चौधरी हलके के लिए एक अलग जल व्यवस्था करने का प्रस्ताव अप्रैल 2024 में भिजवाया गया तथा सितंबर 2024 में इसे सरकार की मंज़ूरी मिल गई थी ।
इस परियोजना के मूल में यह बात है कि लहरोदा से संशोधित जल की सप्लाई की बजाय नहरी पानी अलग-अलग जगह जल संयंत्रों के माध्यम से साफ करके अलग-अलग ग्राम समूहों के लिए जलघर बनाकर वहां से गांवों में पानी की सप्लाई की जाए। इस कड़ी में नांगल चौधरी नगर पालिका क्षेत्र समेत चार नए जल संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। जो सिरोही बहाली, आसरावास, मोहनपुर एवं मुसनोता में स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही नांगल दर्गू जल भंडार की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इन समस्त जल भंडारों को नहरी पानी की आपूर्ति के लिए नारनौल के पास सुराना गांव स्थित अटेली डिस्ट्रीब्यूटरी से लोहे की पाइपलाइन (राइज़िंग मेन) से ले जाया जाएगा। यद्यपि नांगल चौधरी क्षेत्र के इन गांवों में नहर उपलब्ध है परंतु वहां पानी की सप्लाई उपलब्धता सीमित अवधि के लिए होती है। अतः पानी की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नारनौल से पानी ले जाने का प्रावधान किया गया है।
सुराना के पास अटेली डिस्ट्रीब्यूटरी पर अलग से पंप हाउस इस परियोजना के अंतर्गत बनाया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत नांगल चौधरी हल्के के 39 गांवों को प्रति व्यक्ति 70 लीटर प्रतिदिन के हिसाब से जल आपूर्ति करने के लिए यह योजना बनाई गई है। इस परियोजना के अंतर्गत बनने वाले जल घर वर्ष 2043 तक की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए जाएंगे और पाइप लाइन 2058 तक की आवश्यकताओं के अनुसार डिज़ाइन की गई है।