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कथा में ब्रह्मा के सृष्टि का विस्तार से वर्णन किया
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:05 AM IST
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कथा में सृष्टि का विस्तार से वर्णन किया
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सैन चौक पर स्थित बगीची वाले शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को र्साइं राम महाराज ने कथा में ब्रह्मा के सृष्टि का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि विष्णु भगवान के आदेश के अनुसार ब्रह्मा जी ने सृष्टि विस्तार में मनु और सतरूप की उत्पत्ति की। ब्रह्मा की सृष्टि में सभी जीव-जंतुओं की उत्पत्ति हुई। युग के अनुसार इस सृष्टि पर अधर्म का नाश करने के लिए स्वयं विष्णु भगवान ने अवतार लिया। सतयुग में हरिश्चंद्र का अवतार लिया, जोकि सदवादी रहे। त्रेता युग में भगवान श्रीराम का अवतार लिया और द्वापर युग में भगवान कृष्ण का अवतार लेकर अधर्म का नाश किया। इस कड़ी में महाराज ने सती चरित्र की कथा भी सुनाई। उन्होंने कहा कि स्त्री नारी में ही समाज का आधार है। इनकी त्याग-तपस्या से ही अनेक महापुरुष जन्म हुआ है। इनके द्वारा दया, क्षमा, ममता और त्याग से ही इनका नाम पुरुषों के नाम से पहले आता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सैन चौक पर स्थित बगीची वाले शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को र्साइं राम महाराज ने कथा में ब्रह्मा के सृष्टि का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि विष्णु भगवान के आदेश के अनुसार ब्रह्मा जी ने सृष्टि विस्तार में मनु और सतरूप की उत्पत्ति की। ब्रह्मा की सृष्टि में सभी जीव-जंतुओं की उत्पत्ति हुई। युग के अनुसार इस सृष्टि पर अधर्म का नाश करने के लिए स्वयं विष्णु भगवान ने अवतार लिया। सतयुग में हरिश्चंद्र का अवतार लिया, जोकि सदवादी रहे। त्रेता युग में भगवान श्रीराम का अवतार लिया और द्वापर युग में भगवान कृष्ण का अवतार लेकर अधर्म का नाश किया। इस कड़ी में महाराज ने सती चरित्र की कथा भी सुनाई। उन्होंने कहा कि स्त्री नारी में ही समाज का आधार है। इनकी त्याग-तपस्या से ही अनेक महापुरुष जन्म हुआ है। इनके द्वारा दया, क्षमा, ममता और त्याग से ही इनका नाम पुरुषों के नाम से पहले आता है।